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प्याज 50 तो टमाटर 60 से नीचे नहीं

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हल्द्वानी। टमाटर और प्याज इन दिनों ज्यादातर लोगों की रसोई से गायब है। तड़के और स्वाद के शौकीन बाजार जा भी रहे हैं तो पाव भर से काम चला रहे हैं। टमाटर और प्याज के एक-एक दाने की घर में बहुत कद्र है। ऐसा इसलिए क्योंकि दोनों सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। 15 दिन से अधिक समय बीत गया है। दोनों के भाव नीचे आने के नाम नहीं ले रहे हैं।
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मोहल्ले और कालोनियों में ठेला लेकर सब्जी बेचने आने वालों के पास टमाटर और प्याज नहीं है। जिसके पास है भी तो वह टमाटर 70 से 80 और प्याज 60 रुपये किलो दे रहा है। फुटकर सब्जी मंडी में प्याज के दाम 50 रुपये किलो से नीचे नहीं आ पा रहे हैं। टमाटर भी 60 रुपये किलो की दर से बिक रहा है। कुमाऊं की सबसे बड़ी थोक मंडी में प्याज की आवक पहले के मुकाबले काफी कम हो गई है। गुरुवार को करीब 150 क्विंटल प्याज की आवक दर्ज की गई। इस वजह से प्याज के थोक भाव भी नीचे नहीं आ सके। गुरुवार को प्याज के थोक भाव 4200 से 4500 रुपये क्विंटल रहे। मंडी समिति के सचिव विश्व विजय सिंह देव का कहना है कि थोक मंडी में इंदौर से प्याज आ रही थी। जिसकी आवक कम होने से दाम कम नहीं हो पा रहे हैं। थोक मंडी में पहाड़ का टमाटर आना बंद हो गया है इसलिए टमाटर के भाव में तेजी आई है। गौलापार का टमाटर शुरू होने पर टमाटर के दाम खुद नीचे आ जाएंगे।

न प्रशासन जागा न मंडी समिति
देहरादून में मंडी समिति की ओर से लोगों को सस्ते दाम में प्याज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से थोक मंडी में काउंटर लगा दिए गए हैं लेकिन न तो जिला प्रशासन जागा है न ही हल्द्वानी मंडी समिति को लोगों की परेशानी से मतलब है। मंडी समिति शासन के आदेश के बाद ही कोई कदम उठाने की बात कह रही है।
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