फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सर्जरी में बंद कर दिए आपरेशन, मरीज के तीमारदार भटकते रहे

विज्ञापन
रोबोटिक सर्जरी करते डॉक्टर
विज्ञापन
हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल में पहाड़ से हर्निया और पथरी का ऑपरेशन करने आए मरीजों के ऑपरेशन बृहस्पतिवार को बंद कर दिए गए। मरीज के तीमारदार दिनभर भटकते रहे। प्राचार्य से शिकायत करने के बाद भी सुनवाई नहीं हुई।
विज्ञापन

सुशीला तिवारी अस्पताल में एनस्थीसिया और सर्जरी विभाग की मनमर्जी मरीजों पर भारी पड़ती है। मरीजों को बुधवार को भर्ती करने के बाद बृहस्पतिवार सुबह ऑपरेशन करने से यह कहकर मना कर दिया गया कि प्रधानमंत्री की रैली है और ऑपरेशन नहीं होंगे। मरीजों के तीमारदार अस्पताल में भटकते रहे और कोई सुनवाई नहीं हुई। तीमारदारों ने बताया कि अन्य विभागों के ऑपरेशन हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सर्जरी विभाग के डॉक्टर भुवन ऑपरेशन के लिए तैयार हैं मगर बेहोशी के लिए एनस्थीसिया विभाग से डॉक्टर नहीं आ रहे हैं। मरीजों के तीमारदार को एमएस और प्राचार्य कार्यालय जाने को कह दिया गया। तीमारदारों ने प्राचार्य से भी जाकर शिकायत की मगर कोई नतीजा नहीं निकला। खास बात यह है कि रैली को लेकर एमएस ने एक पत्र निकाला था और प्राइवेट वार्ड, वीवीआईपी कक्ष, आईसीयू के कक्ष नंबर दो में मेडिकल उपकरण सहित अन्य तैयारी रखने का पत्र 27 मार्च को जारी किया था। कैज्युअल्टी के बाहर भी एक पूर्ण रूप से मेडिकल उपकरणों के साथ एक एंबुलेंस तैयार रखने को निर्देश दिए थे। ऑनकॉल आने वाले डॉक्टरों को इमरजेंसी होने पर तत्काल आने को कहा गया था। ब्लड बैंक में ए पॉजिटिव ब्लड तैयार रखने को कहा गया था। पूरे आदेश में कहीं भी नहीं लिखा था कि प्रधानमंत्री की रैली के चलते ऑपरेशन सर्जरी विभाग में ऑपरेशन नहीं किया जाएंगे।

पीएम की रैली के चक्कर में ऑपरेशन बंद
एसटीएच में तीमारदार भटके, प्राचार्य से शिकायत करने के बाद भी नहीं हुई सुनवाई

मामले की जांच कराई जाएगी। प्राचार्य से पूछा जाएगा कि ऑपरेशन किन परिस्थितियों में टाले गए। नियम विरुद्ध अगर ऑपरेशन टाले गए होंगे तो कार्रवाई की जाएगी। -युगल किशोर पंत, चिकित्सा शिक्षा निदेशक
विज्ञापन


प्रधानमंत्री की रैली के तहत एक ओटी को रिजर्व रखा गया था। डॉक्टर अगर आपसी समन्वय बनाते तो केस हो सकते थे। दोपहर तीन बजे के बाद डॉ. भुवन ने तीन केस किए। -डॉ. सीपी भैसोड़ा प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज

आदेश में ऑपरेशन न करने संबंधी कोई आदेश नहीं दिए गए थे। दोपहर तीन बजे के बाद कुछ मरीजों के ऑपरेशन कराए गए। -डॉ. अरुण जोशी, एमएस एसटीएच

प्रधानमंत्री के प्रोटोकॉल के तहत ऑपरेशन टाल दिए गए। कोई अनहोनी होने पर एक ओटी रिजर्व में रखनी होती है।
-डॉ. केएस शाही, विभागाध्यक्ष सर्जरी विभाग


केस 1
अल्मोड़ा निवासी किशोर कुमार को बुधवार को एसटीएच में भर्ती किया गया। उनका बृहस्पतिवार को हर्निया का ऑपरेशन होना था। प्रधानमंत्री की रैली का हवाला देकर ऑपरेशन नहीं किया गया।
केस 2
पिथौरागढ़ की पीतांबरी देवी की पित्त की थैली में पथरी और लीवर में इंफेक्शन था। उनके तीमारदार ने बताया कि सुबह 11 बजे कहा गया कि प्रधानमंत्री की रैली और ऑपरेशन नहीं होंगे। सर्जरी विभाग के एचओडी ने कहा कि प्रधानमंत्री आ रहे हैं, इसलिए ऑपरेशन के लिए मना किया गया है।
केस 3
अल्मोड़ा के अनी राम का भी हर्निया का ऑपरेशन होना था। उन्हें बुधवार रात को एसटीएच में भर्ती कराया गया था। प्रधानमंत्री की रैली का हवाला देकर ऑपरेशन टाल दिया गया।
विज्ञापन

केस 4
चंपावत के महेश चंद्र का भी हर्निया का ऑपरेशन होना था। उनको भी एक ही बात कहकर ऑपरेशन करने से मना कर दिया गया। कहा गया कि ऑपरेशन शुक्रवार को होगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें