हल्द्वानी। घर में गोकशी करने के आरोपी को अपर जिला सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दोषी करार दिया। उसे तीन साल की सजा सुनाकर पांच हजार का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने उसके दो सगे भाइयों को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी घनश्याम पंत के अनुसार सात फरवरी 2013 को बनभूलपुरा थाने के एसआई मो. शफी गश्त कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि इंदिरानगर ठोकर बनभूलपुरा निवासी तीन भाई शमशुद्दीन, कमरुद्दीन और नसरुद्दीन अपने घर में गोकशी कर रहे हैं। पुलिस को देखकर कमरुद्दीन और नसरुद्दीन फरार हो गए। पुलिस ने शमशुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया। वहां से मांस और खाल बरामद कर विधि विज्ञान प्रयोगशाला देहरादून जांच के लिए भेजा। पुलिस पूछताछ में शमशुद्दीन ने फरार व्यक्तियों को अपना भाई बताया। जांच में प्रतिबंधित पशु के मांस होने की पुष्टि हुई। मुकदमा न्यायिक मजिस्ट्रेट हल्द्वानी की अदालत में चला। अभियोजन ने चार गवाह पेश किए। अदालत ने तीनों भाइयों को तीन-तीन साल की सजा और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। बाद में तीनों भाइयों ने जिला एवं सत्र अदालत में अपील की। जिला न्यायालय से मुकदमा अपर जिला एवं सत्र न्यायालय द्वितीय मो. सुल्तान की अदालत में ट्रांसफर हो गया। कमरुद्दीन और नसरुद्दीन मौके पर पकड़े नहीं गए थे, इसलिए अदालत ने संदेह का लाभ देकर दोनों को दोषमुक्त कर दिया।
गोकशी में एक भाई को तीन साल की सजा, दो बरी
अपर जिला सत्र न्यायाधीश द्वितीय अदालत ने सुनाया फैसला