हल्द्वानी। जलनिगम विश्वबैंक परियोजना के तहत कुसुमखेड़ा पेयजल योजना का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। योजना को एक सप्ताह में मंजूरी मिलने की संभावना है। योजना को 2020 तक पूरा किया जाना है। कुसुमखेड़ा पेयजल योजना से क्षेत्र के 10 हजार लोग लाभान्वित होंगे।
जलनिगम विश्वबैंक परियोजना के अधिशासी अभियंता हिमांशु वर्मा ने बताया कि पैरी अर्बन क्षेत्रों के लिए विश्वबैंक के सहयोग से पेयजल योजनाएं बनाई जा रही हैं। कुसुमखेड़ा पेयजल योजना का 20.74 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। योजना के तहत 30 किमी पेयजल लाइन बिछाई जाएगी। इसके अलावा एक हजार किलोलीटर क्षमता का पेयजल टैंक बनेगा। एक 300 केएल का टैंक पहले से मौजूद है। इन दोनों टैंकों से कुसुमखेड़ा क्षेत्र के उपभोक्ताओं के कनेक्शन जोड़े जाएंगे। योजना से 2020 में 9500 की आबादी लाभान्वित किए जाने का लक्ष्य है। कुसुमखेड़ा पेयजल योजना से उपभोक्ताओं को 135 लीटर प्रतिदिन प्रति व्यक्ति के हिसाब से पेयजल उपलब्ध कराने का मानक रखा गया है। उन्होंनेे बताया कि पेयजल एवं स्वच्छता मिशन से योजना को इसी सप्ताह मंजूरी मिलने की उम्मीद है। पेयजल टैंक के लिए स्थल विभाग को उपलब्ध हो चुका है।
कुसुमखेड़ा पेयजल से बुझेगी 10 हजार लोगों की प्यास
जलनिगम ने शासन को भेजा प्रस्ताव, इसी हफ्ते मंजूरी की संभावना