नैनीताल। नगर पालिका में भाजपा और कांग्रेस के 17 सभासदों में से 13 ने अधिशासी अधिकारी (ईओ) अशोक कुमार वर्मा की कार्यप्रणाली से नाराज होकर अपने पदों से सामूहिक इस्तीफा दे दिया है। नैनीताल के इतिहास में यह पहला अवसर है, जब एक साथ इतने सभासदों ने मंडलायुक्त को इस्तीफा सौंपा है। इससे पहले सभासदों ने पालिका में हंगामा किया। उनका कहना था कि जब लोगों के काम ही नहीं कर पा रहे हैं तो फिर वे पद पर रहकर क्या करेंगे।
बता दें कि पिछले काफी समय से पालिका सभासदों और ईओ के बीच अलग-अलग कार्यों को लेकर नोकझोंक होती रही है। शुक्रवार को अधिकतर सभासद नगर पालिका पहुंचे और उन्होंने सामूहिक इस्तीफा लिखकर मंडलायुक्त सुशील कुमार को भेज दिया। कहा कि उन्हें जनता ने इसलिए चुना है कि वह अपने अपने वार्डों में विकास कार्य करा सकें और लोगों की समस्याएं हल करा सकें। उन्होंने कई बार जिला प्रशासन और पालिका के ईओ के समक्ष अपनी बातें रखीं लेकिन उनकी बातों का संज्ञान नहीं लिया गया।
आरोप है कि पालिका बगैर सभासदों को विश्वास में लिए विकास कार्यों के टेंडर करा देती है। वह जब इस संबंध में ईओ से पूछते हैं तो वह किसी बात का जवाब नहीं देते। सभासदों ने कहा कि नगर पालिका के कर अधीक्षक, कर निरीक्षक व लेखाकार का स्थानांतरण तो कर दिया गया लेकिन इन पदों पर नई तैनाती नहीं की गई, जिसके चलते पालिका में कोई भी काम नहीं हो रहा है। सभासदों का कहना है कि पालिका में न तो उनकी कोई बात सुनी जाती है और न ही उनके प्रार्थना पत्रों पर कोई कार्रवाई होती है। ऐसे में वह तत्काल प्रभाव से जनहित में स्वैच्छिक त्यागपत्र दे रहे हैं।
इस्तीफा देने वाले सभासद
मंडलायुक्त को भेजे गए सामूहिक इस्तीफे में सभासद सागर आर्य, सुरेश चंद्र, भगवत रावत, गजाला कमाल, मनोज साह जगाती, कैलाश रौतेला, दया सुयाल, राजू टांक, मोहन सिंह नेगी, प्रेमा अधिकारी समेत मनोनीत सभासद मनोज जोशी, तारा राणा और राहुल पुजारी के हस्ताक्षर हैं। वहीं त्यागपत्र देने वाले सभासदों का दावा है कि सभासद रेखा आर्य, निर्मला चंद्रा व दीपक बर्गली ने भी सामूहिक इस्तीफे पर अपनी सहमति जताई है, हालांकि ये तीनों सभासद शुक्रवार को पालिका में उपस्थित नहीं थे।
जब भी कोई व्यक्ति किसी काम के लिए पालिका के ईओ के पास जाता है तो वह सुनते तक नहीं। टेंडर कराए जाते हैं लेकिन सभासदों को जानकारी नहीं दी जाती। ईओ से जानकारी मांगो तो वह टाल देते हैं, जिसके चलते वह इस्तीफा दे रहे हैं। - मनोज साह जगाती, सभासद
-जब से ईओ साहब ने पालिका में अपना कार्यभार संभाला है तब से पालिका का कोई भी काम सही नहीं हुआ है। कभी कोई सही जानकारी सभासदों को नहीं दी जाती। सभासदों के कार्यालय में पहुंचते ही ईओ कार्यालय से बाहर चले जाते हैं। मनोज जोशी, नामित सभासद
- पालिका की आय के स्रोत बढ़ाने के लिए कई सुझाव दिए लेकिन उन्हें अनसुना कर दिया गया। क्षेत्र की समस्याओं को लेकर कोई ज्ञापन या पत्र दिया तो उनका भी कोई जवाब नहीं मिला। कभी भी सभासदों की कोई बात नहीं सुनी जाती। - मोहन सिंह नेगी, सभासद
- पालिका के ईओ हों या जिला प्रशासन, कोई भी सभासदों की बात नहीं सुनता। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद भी ईओ अवैध रूप से कारोबार कर रहे लोगों पर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। - कैलाश रौतेला, सभासद
-अभी तक मुझे सभासदों का लिखित में कोई इस्तीफा या पत्र नहीं मिला है। मौखिक रूप से दूसरे लोगों से इस संबंध में जानकारी मिली है। यदि ऐसा है तो सभासदों के साथ वार्ता कर समस्या का समाधान निकाला जाएगा। - अशोक कुमार वर्मा, ईओ नगर पालिका, नैनीताल
नैनीताल पालिका के सभासदों के समर्थन में देंगे इस्तीफा
पिथौरागढ़। नगर पालिका नैनीताल के निर्वाचित और सरकार से मनोनीत सभासदों के इस्तीफे को लेकर सभासद संगठन ने कुमाऊं मंडल में इस्तीफा देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि कुमाऊं में अभियान चलाकर विरोध जताया जाएगा। नैनीताल पालिका के सभासद लगातार सीएम हेल्पलाइन में शिकायत करते रहे लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब उनसे इस्तीफे लिए जा रहे हैं।
कुमाऊं मंडल सभासद संगठन प्रदेश अध्यक्ष अनिल जोशी ने कहा कि पालिका, प्रशासन और प्रदेश सरकार नैनीताल के सभासदों की बात नहीं सुन रही है, जो गलत है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार से भी पूर्व में 12 सूत्री मांगों को लेकर मुख्यमंत्री से वार्ता हुई। सीएम की ओर से दो मांगों पर जल्द कार्यवाही का आश्वासन मिला है। अगर सभासदों की मांगों पर कार्यवाही न हुई तो कुमाऊं मंडल के नगर पालिका और नगर पंचायतों में भी इस्तीफा देने के लिए सभासद मजबूर होंगे।