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अंतरजातीय विवाह करने वाले नहीं बताते समाज कल्याण विभाग को

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शादी दहेज और सांप - फोटो : Social media
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अंतरजातीय विवाह करने वाले नहीं बताते समाज कल्याण विभाग को
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विभाग देता है करीब तीन लाख रुपये, फिर भी आवेदन बेहद कम
अभी तक मात्र 83 लोगों ने उठाया योजना का लाभ
अमर उजाला ब्यूरो
हल्द्वानी। अंतरजातीय विवाह करने पर ढाई लाख रुपये की सहायता के बावजूद समाज कल्याण विभाग को केंद्र की इस योजना का लाभ उठा सकने वाले पात्र लोगों के आवेदन नहीं मिल रहे हैं। राज्य सरकार की ओर से भी इस योजना के तहत 50 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। इतना होने पर भी प्रदेश में केवल 83 दंपतियों ने इस योजना का लाभ उठाया है।
डॉ. अंबेडकर प्रतिष्ठान सामाजिक अधिकारिता मंत्रालय की इस योजना का लाभ लेने के लिए समाज कल्याण विभाग में आवेदन कम आ रहे हैं।
कुल तीन लाख रुपये मिलते हैं
योजना के तहत दंपति को ढाई लाख रुपये अंतर्जातीय विवाह करने पर दिए जाते हैं। राज्य सरकार की ओर से 50 हजार रुपये दिए जाते हैं।
कैसे लें योजना का लाभ..
- अंतरजातीय विवाह करने वालों को डीएम कार्यालय या जिला समाज कल्याण अधिकारी के कार्यालय से फार्म लेकर आवेदन कर सकते हैं। दंपति का सत्यापन सांसद या एमएलए भी कर सकता है। आवेदन के बाद जिला समाज कल्याण अधिकारी सत्यापन करके केंद्र सरकार को भेजते हैं। दंपति को विवाह प्रमाण पत्र, जन्म तिथि का प्रमाण और आधार कार्ड की प्रति देनी होती है।
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अंतर धार्मिक विवाह पर दी जाती है 50 हजार की राशि
- राज्य सरकार की ओर से अंतर धार्मिक विवाह पर 50 हजार और अंतरजातीय विवाह करने पर भी 50 हजार रुपये की राशि दी जाती है। राज्य सरकार की ओर से संचालित योजना का लाभ अभी तक 40 दंपति ही ले पाए हैं।
जिले केंद्र के लाभार्थी राज्य के लाभार्थी
उत्तरकाशी 08 02
हरिद्वार 18 13
चमोली 05 02
चंपावत 02 01
अल्मोड़ा 07 05
ऊधमसिंह नगर 07 03
बागेश्वर 02 01
नैनीताल 22 07
पौड़ी 06 06
देहरादून 03 00
पिथौरागढ़ 02 00
रुद्रप्रयाग 01 00
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