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फुटहिल क्षेत्र में भवन निर्माण के मानक हुए सरल

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हल्द्वानी। प्रदेश के छह जिलों में पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों के मध्य स्थित भूभाग अब फुटहिल क्षेत्र के रूप में जाना जाएगा। शासन ने ऐसे भूभाग में भवन निर्माण के मानकों में सरलीकरण करने संबंधी शासनादेश जारी कर दिया है। नियमों में हुए इस सरलीकरण के बाद फुटहिल क्षेत्र के मार्ग की चौड़ाई को मैदानी क्षेत्र की अपेक्षा 25 फीसदी कम कर दिया गया है।
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वर्तमान में पर्वतीय और मैदानी क्षेत्र के मध्य स्थित भूभाग में होने वाले निर्माण कार्यों के नक्शे की स्वीकृति के लिए पहुंच मार्ग की चौड़ाई नौ मीटर तय थी। शासन के सचिव नितेश झा की ओर से जारी इस नए शासनादेश के तहत अब फुटहिल क्षेत्र में पहुंच मार्ग की चौड़ाई को मैदानी क्षेत्र से 25 फीसदी कम (6.75 मीटर तय कर दी गई है) कर दिया गया है। फुटहिल क्षेत्र में भवन उपविधि के शेष मानकों को यथावत रखा गया है। सरलीकरण का लाभ देहरादून, नैनीताल, अल्मोड़ा, पौड़ी, टिहरी और चंपावत जिले के मैदानी और पर्वतीय क्षेत्रों के मध्य रह रहे लोगों को मिलेगा।

फुटहिल क्षेत्र में भवन निर्माण के मानक हुए सरल
मैदानी क्षेत्र से 25 फीसदी कम की गई पहुंच मार्ग की चौड़ाई
उत्तराखंड भवन निर्माण एवं विकास उपविधि विनियम के मानक संशोधित

क्या है फुटहिल
पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों के मध्य के ऐसे क्षेत्र जो अधिकतर पर्वतीय भूभाग की प्रकृति के हैं, लेकिन ऐसे क्षेत्रों में भवन निर्माण के लिए मैदानी क्षेत्रों के मानक लागू होते हैं। ऐसे में भू-भाग की प्रकृति के विपरीत अव्यावहारिक निर्माण कार्यों को बढ़ावा मिल रहा है। देहरादून, नैनीताल, अल्मोड़ा, टिहरी, पौड़ी एवं चंपावत जिलों के मैदानी और पर्वतीय क्षेत्रों के मध्य के क्षेत्र को फुटहिल के रूप में परिभाषित किया गया है।
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इसलिए किया गया सरलीकरण
- राज्य की विषय भौगोलिक परिस्थितियां
- भवन के लिए भूमि की सीमित उपलब्धता
- भूखंडों का न्यूनतम क्षेत्रफल
- पहुंच मार्गों की चौड़ाई कम होना

इन्हें मिलेगा सरलीकरण का लाभ
- आवासीय, चिकित्सकीय, पर्यटन, व्यावसायिक गतिविधियां


प्राधिकरण बोर्ड करेगा फुटहिल क्षेत्रों का निर्धारण
हल्द्वानी। पांच फरवरी को जारी शासनादेश के तहत फुटहिल क्षेत्रों का निर्धारण संबंधित स्थानीय विकास प्राधिकरणों द्वारा किया जाएगा। बोर्ड द्वारा एक बार फुटहिल क्षेत्र निर्धारित करने के बाद दूसरी बार फुटहिल क्षेत्र निर्धारण अथवा संशोधन के लिए प्राधिकरण बोर्ड को राज्य सरकार की सहमति लेनी होगी।

जिले में इन क्षेत्रों को मिलेगा लाभ
नैनीताल जिले के हल्द्वानी से सटे काठगोदाम, दमुवाढूंगा, रानीबाग, गौलापार के कुछ गांवों के अलावा रामनगर, कालाढूंगी, कोटाबाग, पाटकोट, सीताबनी समेत इसके आसपास के क्षेत्र।


पर्वतीय और मैदानी क्षेत्र के मध्य स्थित भूभाग को फुटहिल घोषित करने संबंधी शासनादेश मिला है। प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में फुटहिल क्षेत्रों का निर्धारण किया जाना है। बोर्ड की मंजूरी के बाद ही फुटहिल क्षेत्र में सरलीकरण के नियम लागू किए जाएंगे।
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-पंकज उपाध्याय, संयुक्त सचिव, जिला विकास प्राधिकरण हल्द्वानी
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