हल्द्वानी। आईएसबीटी के स्थान परिवर्तन के विरोध में पूर्व घोषित उपवास कार्यक्रम में कांग्रेसियों ने सरकार के खिलाफ तेवर दिखाए। विधानसभा चुनाव के बाद पहली बार पार्टी के दिग्गज एक मंच पर आए केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश ने ललकारते हुए कहा कि गौला पार में प्रस्तावित जमीन पर ही आईएसबीटी बनेगा और प्रस्तावित मंडी भी तीनपानी के पास ही बनेगी। उन्होंने कहा कि सरकार में आईएसबीटी बना पाने का दमखम नहीं है
मंगलवार को गौलापार में आयोजित उपवास कार्यक्रम में कुमाऊं से हजारों कांग्रेसी पहुंचे थे। आईएसबीटी के लिए पूर्व में चयनित जमीन पर ही उपवास कार्यक्रम आयोजित किया गया था। डॉ. हृदयेश ने कहा कि कहा कि गौला पार में प्रस्तावित बस अड्डे पर मुख्यमंत्री श्मशान और कब्रिस्तान की बात कहते हैं तो कभी अल्पसंख्यक आबादी वाले क्षेत्र में तीन सौ बसों के होकर जाने की बात कहते हैं। यह साफ हो चुका है कि न तो यहां श्मशान था और न कब्रिस्तान। फोरलेन रोड बनने के साथ ही एक पुल बनेगा और बसें वहां से होकर गुजरेंगी। सब कुछ बताने के बाद भी मुख्यमंत्री सुनने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने आह्वान किया कि नगर पालिका, नगर निगम और 2019 में लोकसभा चुनाव में भाजपा को हराकर गुस्से का इजहार करें। प्रधानमंत्री ने न तो एक वर्ष में दो करोड़ लोगों को रोजगार दिया और न ही किसानों का कर्ज माफ किया। किसानों को फसल का उचित मूल्य भी नहीं मिला। आज तक न तो कालाधन बाहर आया और न ही लोगों के खाते में 15-15 लाख रुपये आए। उन्होंने यह भी कहा कि दमुवाढूंगा को आरक्षित वन क्षेत्र से बाहर कराकर राजस्व गांव का दर्जा कांग्रेस ने दिया। बिंदुखत्ता में सड़क और बिजली पहुंचाने का काम भी कांग्रेस सरकार ने किया था।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि दस माह की राज्य सरकार जनविरोधी है। मुख्यमंत्री समेत पूरी भाजपा माफियाओं से मिलकर अजीवन सहयोग निधि जुटाने में लगी है। उन्होंने कहा कि आईएसबीटी के लिए कांग्रेस एकजुट होकर संघर्ष करेगी। जरूरत पड़ी तो सड़क पर उतरा जाएगा और जेल भरने से भी पीछे नहीं रहेंगे। आईएसबीटी पर पूर्व सरकार ने साढ़े तीन करोड़ रुपये खर्च कर दिए थे। कुमाऊं के इस प्रोजेक्ट को रद्द करना और नए सिरे से दूसरी जमीन तलाशना समझ से परे है।
कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव प्रकाश जोशी, प्रदेश सहप्रभारी संजय कपूर, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, पूर्व मंत्री हरीश दुर्गापाल, विधायक हरीश धामी, पूर्व विधायक मनोज तिवारी, तिलकराज बेहड़, महेंद्र पाल सिंह ने भी केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा।
इंदिरा हृदयेश ने एक दिनी उपवास में जुटाया कुनबा, कहा-मंडी तीनपानी के पास ही बनेगी
कुमाऊं भर से हजारों कार्यकर्ता पहुंचे उपवास कार्यक्रम में
शहजादे ने की है गोपनीयता भंग, सीएम से मांगेंगे इस्तीफा
हल्द्वानी। आईएसबीटी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाले एक मंत्री के विधायक बेटे पर तंज कसते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि शहजादे भ्रष्टाचार की बात कर रहे हैं। मंत्रिमंडल की गोपनीयता की शपथ के तहत विभाग से जुड़ी प्रक्रिया या फाइल पर बोलने का अधिकार मुख्यमंत्री या संबंधित मंत्री को होता है। अगर कोई तीसरा व्यक्ति विभाग से जुड़ी कोई बात कहता है तो मंत्रिमंडल की गोपनीयता की शपथ को भंग करना माना जाता है। डॉ. हृदयेश ने कहा कि विशेषाधिकार हनन के तहत इस मामले को सदन में लाया जाएगा और मुख्यमंत्री से इस्तीफा मांगा जाएगा। उन्होंने कहा कि गंगा नहाकर लोग क्या भ्रष्टाचार से मुक्त हो गए हैं। दूसरे को नसीहत देने वाले पहले अपने गिरेबान में झांक लें। आईएसबीटी पर अगर किसी तरह का भ्रष्टाचार हुआ है तो सीबीआई जांच कराई जाए और दोषियों को जेल भेजा जाए मगर द्वेष के आधार पर विकास को न रोका जाए।
बड़े मंत्री ने रुकवा दी एनएच 74 की जांच
हल्द्वानी। इंदिरा ने कहा कि भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेंस की बात करने वाली भाजपा के एक बड़े मंत्री ने एनएच 74 की सीबीआई जांच रुकवा दी। कहा कि मुख्यमंत्री के कहने के बावजूद आज तक एनएच 74 मामले की सीबीआई जांच नहीं हो रही है। सीबीआई जांच शुरू होते ही कई बड़े नाम सामने आ जाएंगे। भाजपा का चरित्र ही दोगली बात करने का है।
ये भी रहे मौजूद
सरिता आर्या, विजय सारस्वत, सुमित हृदयेश, खजान पांडे, ललित जोशी, केदार पलड़िया, सतीश नैनवाल, राहुल छिम्वाल, मयंक भट्ट, मंजू सांगुड़ी, ममता जोशी, बीना जोशी, हाजी सुहेल सिद्दीकी, मतीन सिद्दीकी, इकबाल भारती, दान सिंह भंडारी, आदेश चौहान, आनंद रावत, रोहित भट्ट, सुमित्तर भुल्लर, भोलादत्त भट्ट, हेमंत बगड़वाल आदि।