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वाल्मीकि समाज के सरपंच वीर बसंत नहीं रहे

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हल्द्वानी। बाल्मीकि समाज के सरपंच वीर बसंत लाल (70) का किडनी फेल होने से बृहस्पतिवार सुबह निधन हो गया। उनका सुशीला तिवारी अस्पताल में इलाज चल रहा था। नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश सहित सैकड़ों लोग शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचे।
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कुल्यालपुरा बाल्मीकि कालोनी निवासी सरपंच वीर बसंत लाल (70) की तबियत बुधवार शाम को खराब हो गई। परिवार के लोगों ने उनको सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया लेकिन बृहस्पतिवार सुबह उनकी मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि तीन माह पहले उनकी पत्नी की मौत हुई थी। पिछले साल बड़े बेटे राजेंद्र की मौत हो गई थी। बेटे की मौत के बाद से ही सरपंच परेशान चल रहे थे। उनका एक बेटा राजेश आर्मी बेस में काम करता है। मौत की सूचना मिलने के बाद शहर के संभ्रांत लोगों की भीड़ उनके आवास पर इकट्ठा हो गई। नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश, राहुल छिमवाल, भाजपा के समीर आर्या सहित काफी लोग पहुंचे। बजरंग दल के विभाग संयोजक ललित बाल्मीकि ने बताया कि वह मोहल्लों के सरपंच थे। कोई विवाद होने पर वह थाने से लेकर मोहल्ले तक पैरवी करते थे। समाज के लोग उनके निर्णय पर विश्वास रखते थे। परिजनों ने राजपुरा स्थित श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया। इस दौरान समाज के विनय पाल, राजू पाल, चूमा भाई, अशोक, गुड्डू, लाजर, सुरेश लाला, अशोक राज आदि मौजूद थे।

दस साल पहले नगर निगम से हुए थे सेवानिवृत्त

बजरंग दल के नेता ललित बाल्मीकि ने बताया कि सरपंच वीर बसंत लाल करीब दस साल पहले नगर निगम से सेवानिवृत्त हुए थे। समाज के कार्य के लिए रात हो दिन हमेशा तैयार रहते थे। पंचायत के दौरान वह किसी के विरोध की परवाह नहीं करते थे।
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