नैनीताल। हरिद्वार संसदीय क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक के नामांकन को चुनौती देने वाली याचिका पर एक अप्रैल को हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। इसी संसदीय सीट के निर्दलीय प्रत्याशी मनीष वर्मा की याचिका पर शुक्रवार को हुई सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति आलोक सिंह ने एक अप्र्रैल को अगली सुनवाई करना तय किया है।
देहरादून निवासी मनीष वर्मा की याचिका में कहा गया है कि डॉ. निशंक ने नामांकन के साथ दिए गए शपथपत्र में बतौर पूर्व मुख्यमंत्री मिले सरकारी आवास व अन्य सुविधाओं के बकाये के तथ्यों को छिपाया है। निशंक ने दिल्ली में सांसद निवास का प्रोविजनल नो-ड्यूज प्रमाणपत्र जमा किया है। रिटर्निंग ऑफिसर ने 26 मार्च 2019 को याचिकाकर्ता की ओर से निशंक के नामांकन के संबंध में दी गई आपत्ति को खारिज कर दिया था। याची ने निशंक के नामांकन को निरस्त करने की मांग की।
भाजपा के हरिद्वार प्रत्याशी डा. निशंक के नामांकन को हाईकोर्ट में चुनौती
नामांकन में तथ्यों को छिपाने की है शिकायत
एक अप्रैल को न्यायमूर्ति आलोक सिंह की कोर्ट में होगी सुनवाई
हरिद्वार संसदीय सीट से निर्दलीय प्रत्याशी की है याचिका
याची की निर्वाचन अधिकारी के समक्ष शिकायत हो चुकी है खारिज