हल्द्वानी। रामनगर की डेल्टा फैक्ट्री हल्दुआ के श्रमिकों और प्रबंधन के बीच शुक्रवार को सहायक श्रमायुक्त की मध्यस्थता में त्रिपक्षीय वार्ता हुई। इसमें फैक्ट्री प्रबंधन ने लिखित भरोसा दिया कि ले-ऑफ की अवधि में नियमानुसार उपस्थिति दर्ज कराने वाले कर्मकार क्षतिपूर्ति के हकदार होंगे। इसलिए दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया।
श्रमायुक्त कार्यालय में सहायक आयुक्त डीसी बिष्ट के कक्ष में शुक्रवार शाम 4:30 बजे डेल्टा फैक्ट्री श्रमिकों और प्रबंधन के बीच वार्ता हुई। दोनों पक्षों के बीच करीब एक घंटे चली त्रिपक्षीय वार्ता में प्रबंधन कहा कि कर्मकारों को जुलाई का वेतन एक सप्ताह में बैंक खाते के माध्यम से दिया जाएगा। सहायक श्रमायुक्त बिष्ट ने बताया कि सेवायोजक डेल्टा फैक्ट्री ने ले-ऑफ वाले श्रमिकों की सूची दी है। इसमें 365कर्मकारों के नाम शामिल हैं। अवशेष 115 कार्मिक स्टाफ के रूप में अंकित हैं जबकि ले-ऑफ से प्रभावित श्रमिकों की संख्या करीब 1200 बताई गई थी।
प्रबंधन ने यह भी भरोसा दिलाया कि धरना, प्रदर्शन में शामिल किसी श्रमिक के खिलाफ पूर्वाग्रह से कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। वार्ता में प्रबंधन की ओर से एचआर प्रबंधक राजेश सिंह, सहायक प्रबंधक प्रोडक्शन दलजीत सिंह, अधिकृत प्रतिनिधि प्रकाश भाकुनी, बतौर मजदूरों के प्रतिनिधि मनोज कुमार, कपिल कुमार, सीमा कुमारी, पंकज, इंकलाब मजदूर केंद्र के महासचिव खीमानंद जोशी, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र की केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य नीता गुप्ता मौजूद रहे।
ले-ऑफ अवधि की क्षतिपूर्ति मिलेगी
डेल्टा श्रमिकों और प्रबंधन के बीच समझौता
सहायक श्रमायुक्त की मध्यस्थता में दोनों पक्षों के बीच हुई वार्ता