हल्द्वानी। पर्वतीय सांस्कृतिक उत्थान मंच की ओर से परंपरागत कुमाऊंनी, संस्कार गीतों के साथ हरेला मेले का उद्घाटन हो गया है। संस्था के संरक्षक भुवन चंद्र जोशी ने मेले का उद्घाटन किया। उन्होंने नई पीढ़ी को कुमाऊंनी संस्कृति का संदेश दिया।
मेले के पहले दिन परंपरागत संस्कार गीत, लोकगीत प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। सांस्कृतिक संध्या में हिमालय कला केंद्र बिंदुखत्ता के कलाकारों ने मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। लोकगायक राकेश खनवाल ने लोकगायक पप्पू कार्की को समर्पित उन्हीं के द्वारा गाए गए प्रसिद्ध लोकगीत ‘ए जा वे चैत बैसाख, मेरो मुनस्यार’ और हाल में दिवंगत लोकगायिका कबूतरी के हिट गीत ‘पहाड़ को ठंडो पाणी’ सुनाकर सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ किया। उद्घाटन समारोह में मंच के अध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर तिवारी, महासचिव मुकेश चंद्र शर्मा, सचिव देवेंद्र तोलिया, केशव दत्त पलड़िया, हेम चंद्र भट्ट, पूरन भंडारी, लीलाधर पांडे, दामोदर सती, शोभा बिष्ट, पुष्पा संभल, स्मित तिवारी, ललित बिष्ट, प्रह्लाद मेहरा, रैली संयोजक त्रिलोक बनौली, शैलेंद्र भंडारी, योगेश तिवारी आदि थे।
संस्कार गीत प्रतियोगिता के परिणाम
प्रथम : रेवती देवी, द्वितीय : गीता लोहनी, तृतीय : चंपा जोशी, सांत्वना- ज्योति जैन।
लोकगीत प्रतियोगिता के परिणाम : प्रथम : श्रेया गुप्ता, द्वितीय : अर्पिता बिष्ट।
स्कूल में मनाया हरेला पर्व
हल्द्वानी। लक्ष इंटरनेशनल स्कूल में शुक्रवार को हरेला पर्व के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित किया गया। बच्चों को हरेला पर्व के महत्व के बारे में बताया गया। कक्षा चार की प्रिया दुर्गापाल ने अंग्रेजी, एंजल नेगी ने हिंदी में हरेला पर भाषण दिया। इस मौके पर हरेला काट कर मां सरस्वती के चरणों में अर्पित किया गया। अंत में प्रबंधक ने बच्चों को बधाई दी।