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वर्ष 2020 तक एक लाख बेरोजगारों को रोजगार देने का लक्ष्य: हरक

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हल्द्वानी। प्रदेश में रोजगार की हालत क्या है यह मंगलवार को एचएन इंटर कॉलेज में देखने को मिला। यहां लगे रोजगार मेले में नौकरी की आस में पहुंचे करीब एक चौथाई युवाओं की किस्मत का दरवाजा खुल पाया। मेले का उद्घाटन करने पहुंचे जिले के प्रभारी मंत्री हरक सिंह रावत 2020 तक एक लाख युवाओं को रोजगार देने का वादा कर गए।
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रोजगार मेले में मंडल भर से पहुंचे 2600 ने पंजीकरण कराया। इनमें से कुल 760 अभ्यर्थियों का चयन हुआ 216 अभ्यर्थियों को मेला स्थल पर ही कंपनियों ने आठ हजार से लेकर 25 हजार रुपये प्रति माह तक के वेतन पर नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इससे पहले मेले का शुभारंभ करते हुए सेवा योजन मंत्री हरक सिंह ने कहा कि वर्ष 2020 तक प्रदेश के एक लाख बेरोजगारों को रोजगार देने का लक्ष्य है।

इस समय प्रदेश में नौ लाख बेरोजगार पंजीकृत हैं। अध्यक्षता पूर्व कैबिनेट मंत्री और विधायक बंशीधर भगत ने की। मेले में सेंचुरी पल्प एंड पेपर मिल, विरॉक इंजीनियरिंग, जीवीके इमरजेंसी, टाटा मोटर्स, सायाजी होटल इंदौर, अपोलो समेत 35 कंपनियों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर पर विधायक नवीन दुम्का, सेवायोजन विभाग के निदेशक जीवन सिह नगन्याल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट सहित अन्य कई मौजूद थे
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डिग्री धारक भी पहुंचे
मेले में 8वीं पास से लेकर आईटीआई, पालीटेक्निक, बीटेक, एमएससी, एमकाम और नर्सिंग डिप्लोमाधारी तक शामिल थे।

युवाओं को नहीं भाया रोजगार मेला
हल्द्वानी। नौकरी न मिलने से पहाड़ी अंचलों के अधिकतर युवा निराश नजर आए। उनका कहना था कि रोजगार मेले में कई कंपनियों ने अस्थायी नौकरी, ट्रेनिंग के नाम पर भर्ती की। वेतन के नाम पर तीन हजार से आठ हजार तक व पहले से आईटीआई पास अभ्यर्थी को दोबारा प्रशिक्षण कोर्स करवाने और अट्ठारह माह के अनुबंध पर काम देने की बात की गई।

व्यवसायिक कोर्स में डिग्री व डिप्लोमा धारकों के लिए रोजगार के अवसर कम ही नजर आए। एमबीए, बीबीए कोर्स वालों के लिए जहां न के बराबर नौकरी के अवसर थे। वहीं बीटेक पास छात्रों को थोड़ी राहत जरूर मिली। अधिकतर कंपनियों ने युवतियों की भर्तियों के लिए प्रवेश द्वार बंद ही रखे। निजी बीमा कंपनियों ने यहां थोड़ी छूट जरूर दी।

बरेली की एक प्लेसमेंट एजेंसी का प्रतिनिधि तमाम युवाओं के बायोडाटा बटोरता नजर आया। पांच हजार रुपये की फीस और सात माह की अवधि में होटल मैनेजमेंट का कोर्स करवाने के बाद नौकरी देने का वायदा करते प्रतिनिधि ने भी खूब पसीना बहाया। सिक्योरिटी गार्ड की भर्ती में कंपनी का प्रतिनिधि शारीरिक डीलडौल देख युवाओं को फार्म भरवा रहा था कुछ युवाओं ने आरोप लगाया कि उनकी सही लंबाई होने के बावजूद उन्हें बाहर कर दिया गया, जबकि पहाड़ के युवाआें को सेना भर्ती में भी लंबाई पर छूट दी गई है।
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2600 बेरोजगार, 35 कंपनियां, रोजगार मिला 760 को
सेवायोजन मंत्री कर गए दो साल में एक लाख युवाओं को रोजगार देने का वादा
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