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भुगतान नहीं किया तो नहीं देंगे दवा एवं केमिकल

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हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल की व्यवस्थाएं बिगड़ती ही जा रही हैं। भुगतान न होने के कारण दवा और केमिकल सप्लाई करने वाली कंपनियों ने हाथ खड़े कर लिए हैं। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को एसटीएच की व्यवस्था सुचारु रखने के लिए चार से पांच करोड़ रुपये की जरूरत है। दवाएं और केमिकल की सप्लाई बंद होने से एसटीएच में आने वाले एवं भर्ती मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
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लगभग तीन महीने पहले पिछले बकाए का भुगतान न होने के कारण दवा कंपनियों और केमिकल सप्लाई करने वाली कंपनी ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन को नोटिस भेजा था। कहा था कि भुगतान न होने पर दवा और केमिकल की सप्लाई बंद कर देंगे। शासन से साढ़े तीन करोड़ रुपये मिलने पर मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने पिछला भुगतान किया था। राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा ने बताया कि साढ़े तीन करोड़ रुपये का भुगतान करने के बाद भी सवा करोड़ रुपये का बकाया रह गया था। उन्होंने बताया कि मेंटीनेंस के लिए भी चार करोड़ रुपये की जरूरत है। एमआरआई मशीन की कंप्रिहेंसिव मेंटीनेंस कांट्रेक्ट (सीएमसी) के लिए एक करोड़ दस लाख रुपये की जरूरत है। सीएमसी करने वाली कंपनी को पिछले वर्ष का 55 लाख रुपये का भुगतान नहीं हुआ है। जबकि इस वर्ष के लिए सीटी स्कैन की सीएमसी कराने को 35 लाख रुपये की जरूरत है। डॉ. भैसोड़ा ने स्वीकार किया कि दवा कंपनी और केमिकल सप्लाई करने वाली कंपनी बकाए का भुगतान न होने पर सप्लाई देने से मना कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यूजर चार्ज में मेडिकल कॉलेज ने लगभग 60 से 70 करोड़ रुपये जमा किए हैं। यूजर चार्ज की राशि का प्रयोग करने की अनुमति अगर मिल जाती है तो संकट कम हो जाएगा।
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सुशीला तिवारी अस्पताल में सप्लाई करने वाली कंपनियों ने हाथ खड़े किए
01 करोड़ से अधिक का बकाया है एमआरआई मशीन की सीएमसी का
35 लाख रुपये चाहिए सीटी स्कैन मशीन की सीएमसी के लिए
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