हल्द्वानी। नगर निगम की ओर से एक और पत्र लोनिवि को भेजने की तैयारी की जा रही है। पत्र बनकर तैयार है। मुख्य नगर आयुक्त के हस्ताक्षर होने बाकी हैं। पत्र में स्ट्रीट लाइट के फाउंडेशन और लगे पोल के गेज में आपत्ति जताई गई है। लोनिवि की ओर से लगाई गई स्ट्रीट लाइट पर निगम की ओर से कागजों को देखने के बाद भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए, जिन सवालों पर आपत्तियां लगाई गई थी। उन पर लोनिवि के अधिकारियों ने जवाब नहीं दिया है। अब नगर निगम की ओर से एक अन्य पत्र बनाया गया है। जिसमें स्ट्रीट लाइट की फाउंडेशन और पोल के गेज पर सवाल उठाते हुए इसकी जानकारी मांगी गई है। वहीं पूर्व में मांगी गई थर्ड पार्टी टेक्निकल वेरिफिकेशन, सुरक्षा संबंधी प्रमाण पत्र दोबारा मांगा गया है। स्ट्रीट लाइट के जांच अधिकारी सहायक नगर आयुक्त दलीप कपूर ने बताया कि लोगों की शिकायत के बाद लोनिवि के अधिकारियों से स्ट्रीट लाइट के पोल की फाउंडेशन की गहराई और पोल के गेज की जानकारी मांगी जा रही है।
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जब ऊपर था तार तो, क्यों बना दी फाउंडेशन
लोक निर्माण विभाग के अधिकारी कैसे सरकारी पैसे का दुरुपयोग करते हैं, इसका उदाहरण शहर में लगाई गई स्ट्रीट लाइटें हैं। शहर में 10 से अधिक पोल की फाउंडेशन ऐसे जगह खोदी गई है। जिसके उपर से 11 केवी की विद्युत लाइन गुजर रही है। अब सवाल उठ रहा है कि जनता का पैसा इतना फालतू है ? जिस समय स्ट्रीट लाइटों की फाउंडेशन खोदी गई उस समय क्यों नहीं बिजली लाइन देखी गई। अब जब निगम ने सवाल पूछे हैं तो क्यों जवाब न देकर बहाने बनाए जा रहे हैं, और इस पर राजनीति की जा रही है।
जनता के सवाल
- निगम की ओर से मांगे गए दस्तावेजों को क्यों उपलब्ध नहीं करा रहा लोनिवि
- अगर निगम और लोनिवि के अधिकारियों की आपसी लड़ाई है तो प्रशासन क्यों नहीं कर रहा है कार्रवाई
- डीएम ने सोमवार तक स्ट्रीट लाइट जलाने का आदेश दिया था, इसका क्या हुआ
- फाउंडेशन बनाते समय क्यों नहीं देखी गई बिजली की लाइनें
- 1.60 करोड़ जनता का है पैसा, इस पर राजनीति क्यों हो रही है
- लाइट गलत लगी हैं, अगर इसमें भ्रष्टाचार है तो निगम के अधिकारी संयुक्त जांच क्यों नहीं करा रहे हैं
पूरी जांच के बाद ही हो स्थानांतरण
देवभूमि व्यापार मंडी के महामंत्री राजीव जायसवाल ने कहा कि लोनिवि को नगर निगम की ओर से लगाई गई आपत्ति का जल्द निस्तारण करना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि निगम को पूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही स्ट्रीट लाइटों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।