हल्द्वानी। धान खरीद के सात दिन बाद भी कमीशन एजेंटों ने अभी तक धान खरीद के लिए अपना पंजीयन नहीं कराया है। सरकार ने धान खरीद नीति में कमीशन एजेंटों से छह लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा है। ऐसे में तय किया गया लक्ष्य पूरा नहीं हो पाएगा।
सरकार ने धान खरीद नीति में सरकारी खरीद 1.5 लाख मीट्रिक टन और कमीशन एजेंट से छह लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य रखा है। लेकिन कमीशन एजेंटों ने अभी तक खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग में अपना रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है। सूत्रों की माने तो कमीशन एजेंट किसानों को अकाउंट पेय चेक और आरटीजीएस से पेमेंट देने का विरोध कर रहे हैं। साथ ही राइस मिल को कमीशन एजेंट न बनाने पर भी एजेंटों का विरोध है।
उधर, आरएफसी कुमाऊं ललित मोहन रयाल ने कहा कि कमीशन एजेंट जल्द ही विभाग में पंजीयन करा लेंगे। कहा कि सरकार की ओर से तय किए लक्ष्य को पूरा किया जाएगा। लेकिन सूत्र बताते हैं कि पिछले साल की तरह इस बार भी कमीशन एजेंट की खरीद शून्य ही रहेगी।