हल्द्वानी। सरकारी स्कूलों के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के विद्यार्थी भी शिक्षक न होने पर गणित, जीव विज्ञान, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों का अध्ययन कर सकेंगे। इसके लिए प्रशासन ने ई लर्निंग प्रोग्राम शुरू किया है। बुधवार को आयुक्त राजीव रौतेला ने प्रोग्राम के पोर्टल का शुभारंभ किया।
काठगोदाम स्थित सर्किट हाउस में आयोजित कार्यक्रम में मंडलायुक्त रौतेला ने कहा कि ई-लर्निंग प्रोग्राम शुरू होने से बच्चों को शिक्षकों की कमी महसूस नहीं होगी और बच्चे कंप्यूटर के माध्यम से महत्वपूर्ण विषयों की पढ़ाई कर सकेंगे। जिलाधिकारी विनोद कुमार सुमन ने बताया कि उक्त प्रोग्राम हिंदी भाषा में एनसीईआरटी पद्यति पर आधारित है। इसे द सिक्स्थ सेंस एजुकेशन संस्था से तैयार कराया गया है। संस्था के चीफ एक्जीक्यूटिव वैभव जैन ने आयुक्त को नौवीं से लेकर 12वीं कक्षा तक के बच्चों के बनाए गए इस प्रोग्राम की मदद से बच्चे गणित, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान जैसे विषयों की जानकारी स्कूल अथवा घर में अपने लेपटाप, कंप्यूटर, मोबाइल से प्राप्त कर सकता है। इसके लिए हर विद्यालय को एक लागिन और एक पासवर्ड दिया जाएगा। जिसके बाद बच्चे डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यूडाटनैनीतालईलर्निंगडाटइन पर लागिन कर पढ़ाई कर सकते हैं। इसमें वीडियो व लेक्चर के अलावा महत्वपूर्ण सवाल और उनके जवाब तथा टिप्पणियां भी उपलब्ध रहेंगी। इस मौके पर मुख्य शिक्षा अधिकारी केके गुप्ता, जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) हीरा लाल गौतम, मोहित खन्ना, सिटी मजिस्ट्रेट पंकज उपाध्याय, एसडीएम एपी बाजपेयी समेत कई लोग मौजूद थे।
पाठ्यक्रम हिंदी में, दिखाया अंग्रेजी में
हल्द्वानी। द सिक्स्थ सेंस एजुकेशन संस्था के पदाधिकारियों का कहना है कि ई लर्निंग प्रोग्राम के प्रत्येक पाठ्यक्रम हिंदी में बनाया गया है। लेकिन जब पोर्टल की लाचिंग हुई तो प्रोजेक्टर पर अंग्रेजी माध्यम से ही प्रोग्राम के बारे में बताया गया। इस पर आयुक्त ने भी संस्था के पदाधिकारियों से सवाल किया कि जब पाठ्यक्रम हिंदी में है तो कंप्यूटर में अंग्रेजी कैसे चल रही है। इस पर संस्था के पदाधिकारी बगलें झांकते नजर आए।