हल्द्वानी। सोमवार, 20 नवंबर 2017, यह तारीख सात साल की मासूम लक्ष्मी के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं। भविष्य में जब वह अपने बचपन की स्मृतियों को टटोलेगी तो यह दिन उसे जरूर याद आएगा। लक्ष्मी स्कूल जाने लगी है। अब उसे नाम लक्ष्मी गोविंद दास भी मिला है। वही लक्ष्मी जो नगर निगम की ब्रांड एंबेसडर है और कल तक बेस अस्पताल के सामने फुटपाथ पर अपने माता-पिता के साथ भीख मांगती थी। अब उसकी जिंदगी बदल गई है। उसकी जिंदगी में यह बदलाव लाने में अमर उजाला ने खबर प्रकाशित की तो हरि शरणम जन के संस्थापक राम गोविंद दास भाई जी उसका जीवन संवारने के लिए आगे आए।
सोमवार सुबह सात बजे लक्ष्मी स्कूल ड्रेस में सज धज कर निजी छात्रावास की वार्डन का हाथ पकड़ स्कूल बस की प्रतीक्षा कर रही थी। वह कभी दाएं देखती तो कभी बाएं। दस मिनट बाद बस आकर रुकी तो लक्ष्मी अन्य बच्चों के साथ उसमें सवार हुई और काठगोदाम के सेंट पाल स्कूल पहुंची। घंटी बजी तो सभी बच्चों के साथ वह भी प्रार्थना के लिए लाइन में लगी फिर अपनी कक्षा में पहुंच गई। उसने पहली बार पेंसिल पकड़ी। लक्ष्मी की शिक्षिका ने बताया कि वह बाएं हाथ से लिखती है। उसमे सीखने की लगन है। पहले ही दिन वह दूसरों बच्चों के साथ घुलमिल गई। उन्होंने बताया की लक्ष्मी को अतिरिक्त समय देकर पढ़ाया जाएगा। राम गोविंद दास भाई जी ने बताया की निजी छात्रावास में लक्ष्मी काफी खुश है। उसकी पढ़ाई के लिए अतिरिक्त व्यवस्था भी की गई है। उसके माता-पिता भी पढ़ाई को लेकर खुश हैं और बेटी के भविष्य निर्माण में साथ दे रहे हैं।
सेंट पॉल स्कूल पहुंची फुटपाथ पर भीख मांगने वाली नगर निगम की ब्रांड एंबेसडर
अब लक्ष्मी गोविंद दास नाम से जानी जाएगी मासूम