जिस मां की गोद में खेलकूद कर वह बड़ी हुई, उसके कबूलनामे को सच मानें तो झूठी शान के लिए उसने अपनी जवान बेटी को मौत के घाट उतार दिया।
इस काम में बेटे और दूसरी बेटी ने भी मां का साथ दिया। मामला उत्तराखंड के हरिद्वार शहर का है।
पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए युवती की हत्या के आरोप में उसकी मां, भाई और बहन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
एसएसपी अरुण मोहन जोशी के मुताबिक 15 मार्च को रात को हुए हमले में गांव धारीवाला निवासी सोमकली की मौत हो गई थी। उसकी मां सरोज को घायल अवस्था में जिला अस्पताल भर्ती कराया गया था।
परिजनों ने गांव के ही तीन चचेरे भाइयों सहित चार लोगों के खिलाफ रंजिशन हत्या की नामजद रिपोर्ट कराई थी। सीओ कनखल जेआर जोशी ने बताया कि सोमकली के अंत: वस्त्रों से मोबाइल मिला था।
इसकी कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस पड़ोस में रहने वाले युवक विक्की उर्फ वीरेंद्र तक पहुंची। पूछताछ पर पता चला कि विक्की और सोमकली के बीच प्रेम संबंध था।
सोमकली की 15 दिन बाद शादी होनी थी लेकिन, सोमकली इससे मना कर रही थी।
वह बार-बार अपने प्रेमी के साथ जाने की बात कहती रही। घटना से पहले सोमकली ने विक्की के सामने अपनी हत्या की आशंका भी जाहिर की थी।
इन बातों के आधार पर पथरी थानाध्यक्ष टीएस राणा ने सोमकली के भाई सोमनाथ, मां सरोज और बहन ऋतु से पूछताछ की।
तीनों ने परिवार की ‘इज्जत’ की खातिर सोमकली की हत्या करने की बात कबूली। पुलिस ने बताया कि घर में ही रस्सी से सोमकली का गला घोटा गया।
मरने के बाद उसकी लाश घर के पीछे जंगल में फेंक दी गई। सरोज ने खुद को घायल भी कर लिया था।
बृहस्पतिवार को पुलिस ने तीनों आरोपियों का चालान कर जेल भेज दिया। इससे पहले परिजन हत्या का मुकदमा अपने दुश्मनों के नाम दर्ज कराकर उन्हें भी फंसाना चाह रहे थे।
पुलिस ने एक आरोपी कल्लू को गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया था। लेकिन, बाद में पुलिस जांच में सारी बातें सामने आ गई।