निजी अस्पताल के डाक्टरों की घोर लापरवाही के चलते एक मासूम की जान चली गई। माता-पिता छोटे बेटे को इलाज के लिए अस्पताल लाए थे।
यहां बड़े बेटे के सिर पर ऑक्सीजन का सिलेंडर गिर गया जिससे वह बुरी तरह जख्मी हो गया।
परिजन बच्चे के इलाज के लिए गिड़गिड़ाते रहे पर डाक्टरों ने इलाज करने से साफ इनकार कर दिया।
परिजन आनन-फानन में बच्चे को जिला अस्पताल ले गए लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। जिला अस्पताल में डाक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया।
उत्तराखंड के रुद्रपुर निवासी मिराजुद्दीन के छोटे बेटे की बुधवार रात तबीयत खराब हो गई। मिराजुद्दीन और उनकी पत्नी बच्चे को सिविल लाइन स्थित एक निजी अस्पताल में ले गए। उनके साथ बड़ा बेटा फिरोज (3) भी था।
मिराजुद्दीन और उनकी पत्नी छोटे बेटे का डॉक्टर से चेकअप करा रहे थे। तभी फिरोज डॉक्टर की केबिन से बाहर आ गया।
बताया जाता है कि वह अस्पताल की गैलरी में रखे आक्सीजन के सिलेंडर से खेल रहा था कि सिलेंडर उसके सिर पर गिर गया। इससे वह बुरी तरह जख्मी हो गया। बच्चे की चीख सुनकर परिजन केबिन से बाहर आए।
बच्चे को जख्मी देख उनमें चीख पुकार मच गई। वे फिरोज के इलाज के लिए डाक्टरों से गिड़गिड़ाते रहे पर डॉक्टरों का दिल नहीं पसीजा। उन्होंने बच्चे का इलाज करने से साफ इनकार कर दिया।
आनन-फानन में परिजन बच्चे को 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल ले गए। तब तक देर हो चुकी थी। जिला अस्पताल में डाक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमार्टम न कराने के अनुरोध पर पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई कर शव परिजनों को सौंप दिया।