ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में पूजा अर्चना के बाद भगवान केदार ग्रीष्मकाल के लिए गुरुवार को अपने धाम रवाना हो गए। गुरुवार को सुबह से ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में बाबा केदार की पंचमुखी चल विग्रह डोली की पूजा शुरू हुई। डोली ने सुबह साढ़े दस बजे पहले पड़ाव के लिए प्रस्थान किया।
इससे पहले बुधवार देर शाम भगवान केदारनाथ के क्षेत्रपाल भैरवनाथ की पूजा-अर्चना की गई। पांच मई को भगवान केदारनाथ के शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर में मुख्य पुजारी व वेदपाठियों की ओर से पूजा-अर्चना की जाएगी।
इस मौके पर पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली का श्रृंगार कर बाबा को विराजमान किया जाएगा। उत्सव डोली गर्भगृह से बाहर सभामंडप में विराजमान होगी, जहां भक्त भगवान भोले बाबा के दर्शन कर सकेंगे। इसके बाद सुबह आठ बजे बाबा केदार की डोली धाम के लिए प्रस्थान कर रात्रि विश्राम के लिए पहले पड़ाव विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी पहुंचेगी।
बाबा केदार की डोली 6 मई को फाटा, 7 मई को गौरीकुंड और 8 मई देर शाम धाम पहुंचेगी। 9 मई को विधि-विधान के साथ भगवान केदारनाथ के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे।
बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति के कार्यकारी अधिकारी अनिल शर्मा ने बताया कि तीर्थ पुरोहितों की मौजूदगी में भैरवनाथ की पूजा- अर्चना शुरू हो गई है। केदारनाथ यात्रा को लेकर मंदिर समिति की ओर से तैयारियां पूरी कर दी गई है।