कोटद्वार। अपराजिता मुहिम के तहत अरण्य सभागार पनियाली में आयोजित महिला सशक्तीकरण गोष्ठी में पीजी कॉलेज कोटद्वार की छात्राओं को साइबर क्राइम और मानव तस्करी के प्रति सचेत किया गया। पुलिस और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) के अधिकारियों ने हर गलत गतिविधि की जानकारी पुलिस को देने की बात कही। कहा कि महिलाएं जागरूक रहकर ही अपराजिता बन सकती हैं। उन्हें हर अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करनी होगी।
गोष्ठी में वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डा. किशोर चौहान, कार्यक्रम अधिकारी डा. संतोष कुमार गुप्ता, एसोसिएट प्रोफेसर डा. सुरमान आर्य, डा. अर्चना, डा. सरिता चौहान, डा. चंद्रप्रभा कंडवाल, डा. अभिषेक गोयल व डा. वंदना चौहान समेत कई प्राध्यापकों ने एनएसएस स्वयंसेवियों को समाज में व्याप्त बुराइयों को खत्म करने के लिए आगे आने की अपील की। उन्होंने समाज में महिलाओं और बेटियों पर बढ़ते अपराध पर चिंता जताई। कहा कि जागरूक और सतर्क रहकर इनसे बचा जा सकता है।
उत्तराखंड पुलिस की एएचटीयू टीम के हेड कांस्टेबल नरेश नौटियाल और मुकेश कुमार ने छात्राओं को साइबर क्राइम और मानव तस्करी के संबंध में जागरूक किया। उन्होंने साइबर क्राइम से बचाव, सोशल मीडिया, इंटरनेट के प्रयोग व ऑनलाइन गेम के दुष्प्रभाव के बारे में जानकारी दी। कहा कि जानकारी के अभाव में महिलाएं साइबर ठगों के जाल में फंसकर अपराध का शिकार हो जाती हैं। साइबर ठग विभिन्न माध्यमों से बैंक खातों, आधार कार्ड और कोड हासिल कर आनलाइन ठगी को अंजाम दे रहे हैं। मोबाइल पर किसी भी अनजान व्यक्ति को अपनी व्यक्तिगत या पारिवारिक जानकारी कतई न दें। कहा कि छात्राओं को अपने ऊपर किए गए कमेंट, छेड़खानी और हिंसा का विरोध कर इसकी सूचना पुलिस को देनी चाहिए। उन्होंने छात्राओं को महिला हेल्प लाइन 112 और 1090 के साथ ही कोटद्वार थाना समेत अधिकारियों के सीयूजी नंबर नोट कराए। गोष्ठी में 58 स्वयं सेवियों और शिक्षकों ने प्रतिभाग किया।
-फोटो