कोटद्वार। वनाग्नि की घटनाओं से बचाव के प्रति जनजागरूकता प्रसारित करने के उद्देश्य से ग्रीन पल्स सोसाइटी की ओर से गोष्ठी का आयोजन किया गया।
कोटद्वार वन रेंज के सभागार में आयोजित गोष्ठी में मुख्य अतिथि लैंसडौन वन प्रभाग के डीएफओ नवीन चंद्र पंत ने कहा कि जब गर्मी अपने चरम पर होती है, तब वनाग्नि की घटनाएं होती हैं। इन दिनों हमारी जागरूकता ही वनाग्नि की घटनाओं पर अंकुश लगा सकती है। उनका प्रयास है कि जो युवा जंगल की सुरक्षा करने में रुचि और जज्बा रखते हैं, उन्हें फॉरेस्ट अंबेसडर बनाएं। ऐसे शिक्षित, जागरूक और जुझारू युवा जनजागरूकता की कमान संभालें, जो समाज के विभिन्न वर्गों के बीच जाकर उन्हें वनाग्नि की घटनाओं के कारणों से अवगत कराते हुए अक्सर की जाने वाली गलतियों में सुधार करा सकें।
दिल्ली से आए विशेषज्ञ ध्रुव त्रिवेदी ने कहा कि किसी भी कार्य को करने के लिए रुचि, इच्छा, जुनून, भावना और सहभागिता आदि जरूरी है। उन्होंने जंगलों के संरक्षण-संवर्धन को लेकर मन में उठने वाले सवालों पर चर्चा की। गोष्ठी में कोटद्वार रेंज के रेंजर विपिनचंद जोशी, ग्रीन पल्स सोसाइटी के अध्यक्ष प्रमोद बंसल, सचिव प्रशांत कुकरेती, उपाध्यक्ष प्रणीता कंडवाल, टीसीजी वेलफेयर सोसाइटी की निवेदिता, दिनेश कंडारी, छात्रा बबिता रावत और सिया जुयाल आदि उपस्थित रहे।