सिमलचौड़ स्थित ग्रामीण आजीविका मिशन परिसर में 1.20 करोड़ की लागत से नवनिर्मित ग्रामीण व्यापार ऊष्मायन केंद्र (रूरल बिजनेस इंक्यूबेटर सेंटर) का लोकार्पण शुक्रवार को समारोहपूर्वक किया गया। मुख्य अतिथि ग्राम्य विकास मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद ने कहा कि इस केंद्र से प्रशिक्षण लेकर युवा स्वयं के साथ ही दूसरों को भी रोजगार उपलब्ध करा सकेंगे।
सिमलचौड़ स्थित ग्रामीण आजीविका मिशन कार्यालय परिसर में नवनिर्मित केंद्र का शुभारंभ मुख्य अतिथि ग्राम्य विकास मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद और वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने संयुक्त रूप से किया। मुख्य अतिथि स्वामी यतीश्वरानंद ने कहा कि शुक्रवार को कोटद्वार और अल्मोड़ा में दो ग्रामीण व्यापार ऊष्मायन केंद्रों का उद्घाटन एक साथ हुआ है। ऊष्मायन केंद्र के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूह, युवा, ग्राम संगठन और कलस्टर प्रशिक्षण लेकर न सिर्फ स्वयं स्वरोजगार कर सकेंगे, अपितु दूसरों को भी रोजगार दे सकेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रयास है कि ग्रामीण रोजगार के लिए शहर की दौड़ लगाने के बजाय स्थानीय संसाधनों से उत्पाद तैयारकर दूसरों को भी रोजगार दें। कहा कि आज बड़ी-बड़ी कंपनियां इतना अच्छा उत्पाद तैयार नहीं कर पा रही हैं, जितना महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाएं बना रही हैं। इनके उत्पाद ज्यादा से ज्यादा बिक सकें, इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड की महिलाओं, युवाओं को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह बड़ा कदम है। यह सेंटर युवा और महिलाओं की ओर से अपने हुनर से तैयार उत्पादों को खेत खलिहान से लेकर बाजार तक पहुंचाने में समन्वय का काम करेगा। मुख्य क्रियान्वयन अधिकारी ग्राम्य विकास डॉ. प्रभाकर बेबनी ने इंक्यूबेटर के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर सीडीओ प्रशांत कुमार, कार्यदायी संस्था लोनिवि के अधिशासी अभियंता निर्भय सिंह, भाबर मंडल अध्यक्ष चंद्रमोहन जसोला, पूर्व पालिकाध्यक्ष रश्मि सिंह, विपिन रतूड़ी, मनीष शंकर, पूनम थपलियाल, मानेश्वरी बिष्ट, वन मंत्री के ओएसडी कुलदीप रावत, पीआरओ सीपी नैथानी और मीडिया प्रभारी धर्मवीर गुसाईं आदि मौजूद रहे।