एसडीएम और तहसीलदार की जांच रिपोर्ट में सामने आया मामला
दरवाजे-खिड़कियां, बिजली फिटिंग, पंखे और एसी समेत कई सामान हो चुका चोरी
कोटद्वार। पर्यटन विभाग के कौड़िया स्थित नॉर्थ कॉर्बेट रिजॉर्ट में सामान चोरी और गायब होने के मामले में एसडीएम और तहसीलदार की जांच रिपोर्ट में पर्यटन विभाग की जिम्मेदारी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, रिजॉर्ट पर्यटन विभाग की संपत्ति है और वहां से गायब हुए सामान की जवाबदेही भी विभाग की है। मामले में पर्यटन विभाग की ओर से कोटद्वार कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसके बाद प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है।
आरटीआई कार्यकर्ता मुजीब नैथानी ने रिजॉर्ट में सामान गायब होने के मामले में सूचना मांगी थी। इस संबंध में उपजिलाधिकारी कार्यालय ने छह सितंबर 2025 को प्रकरण जिला पर्यटन विकास अधिकारी को भेजा था। उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के अनुसार रिजॉर्ट की जांच से संबंधित अभिलेख पर्यटन मुख्यालय को उपलब्ध नहीं कराए गए थे। शिकायतकर्ता को रिजॉर्ट की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) देखने के लिए कहा गया था।
रिपोर्ट में बताया गया है कि कोरोना काल में रिजॉर्ट में लगाए गए उपकरण मौके पर नहीं मिले। पर्यटन विभाग के कार्यालय से उपलब्ध कराई गई प्राथमिकी की प्रति के अनुसार, पांच अप्रैल, 2024 को अज्ञात व्यक्तियों ने परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार के छोटे गेट का ताला तोड़ा था। परिसर में अनधिकृत प्रवेश कर विभागीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की आशंका जताई गई थी।
भवनों में नहीं मिले दरवाजे-खिड़कियां और बिजली के उपकरण
जांच में ग्राम कौड़िया पट्टी सुखरो स्थित पर्यटन विभाग के नाम दर्ज 3.845 हेक्टेयर भूमि पर बने भवनों और शेड की स्थिति का भी उल्लेख किया गया है। मौके पर भवनों के दरवाजे, खिड़कियां और शीशे नहीं मिले। बिजली की फिटिंग उखड़ी हुई थी और स्विच बोर्ड भी गायब थे। इसके अलावा पंखे, नल, शावर, फर्नीचर और एयर कंडीशनर समेत अन्य सामान गायब पाया गया।
दोबारा जांच के बाद भेजी गई रिपोर्ट
शिकायतकर्ता ने पहले की जांच पर सवाल उठाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की थी। इसके बाद तहसीलदार कोटद्वार से दोबारा बिंदुवार रिपोर्ट मांगी गई। तहसीलदार की रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि गायब और चोरी हुए सामान की जिम्मेदारी पर्यटन विभाग की है। विभाग की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराने के साथ यह भी बताया गया कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है और विभाग को न्यायालय से समन प्राप्त हुआ है। एसडीएम की ओर से तहसीलदार की जांच रिपोर्ट और संलग्न दस्तावेज जिलाधिकारी को भेजे गए हैं।