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Kotdwar News: देवी डबराड तल्ला के ग्रामीणों ने रोड कटिंग कर सरकार को दिखाया आईना

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कोटद्वार। रिखणीखाल ब्लॉक के अंतर्गत देवी डबराड तल्ला गांव आजादी के सात दशक बाद भी सड़क सुविधा से महरूम है। स्थिति यह है कि सड़क के अभाव में ग्रामीणों को मुख्य मार्ग तक पहुंचने के लिए तीन से चार किमी चढ़ाई कर पैदल आवाजाही करने को मजबूर होना पड़ रहा है। जनप्रतिनिधि और शासन-प्रशासन से गुहार लगाने के बाद भी जब रोड नहीं बना, तो ग्रामीणों ने स्वयं ही रोड कटिंग का कार्य शुरू कर सरकार को आईना दिखाया है।



डबराड तल्ला गांव निवासी विजय सिंह रावत, ग्राम प्रधान राकेश सिंह रावत, राम सिंह रावत, विनोद सिंह रावत, सुरेंद्र पाल सिंह रावत, आनंद सिंह रावत और रामदयाल आदि ने बताया कि दरखास्तीखाल डिंड डबराड मोटर मार्ग और पाणीसैंण बूथानगर रोड का निर्माण कार्य चल रहा है। कहा कि मार्ग निर्माण के लिए उन्होंने बिना मुआवजा लिए अपनी भूमि लोनिवि लैंसडौन को दी थी, लेकिन दो-दो मार्ग स्वीकृत होने के बाद भी उनका गांव सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाया। जिससे गांव के 45 परिवारों को पैदल आवाजाही करने को मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों की मांग पर सड़क निर्माण के दौरान गांव तक संपर्क मार्ग बनाने का वादा किया गया था। कहा कि वह लंबे समय से शासन-प्रशासन और स्थानीय विधायक से सड़क निर्माण की गुहार लगा रहे हैं। इस संबंध में वह पूर्व में विधायक से देहरादून में भी मिले, लेकिन उन्हें महज कोरे आश्वासन मिले। सड़क का निर्माण न होने से ग्रामीण स्वयं को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। कहा कि सड़क के अभाव में उन्हें आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कत बुजुर्गों, बीमार, प्रसूताओं और बच्चों को हो रही है। बीमार और बुजुर्ग लोगों को डंडी-कंडी के सहारे अस्पताल तक पहुंचाना पड़ रहा है। बताया कि गुहार लगाने के बाद भी जब शासन-प्रशासन में सुनवाई नहीं हुई तो ग्रामीणों ने गत 25 जून से स्वयं ही रोड कटिंग का कार्य शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि अभी तक 10 मीटर रोड कटिंग का कार्य पूरा हो चुका है।
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पूर्व में सड़क गांव के बीच से जा रही थी, लेकिन ग्रामीणों के दो धड़ों में बंटने के कारण सड़क का एलाइनमेंट दो बार बदलना पड़ा। उन्होंने स्वयं एक रात गांव में रुककर ग्रामीणों को समझाने का प्रयास भी किया था, लेकिन तब ग्रामीणों ने बात नहीं मानी। वर्तमान में गांव के लिए सड़क प्रस्तावित नहीं है।

-दिलीप रावत, विधायक लैंसडौन



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