पाब अकरी के नांडी गांव के नव युवक मंगल दल ने विलुप्त हुए बांज व अन्य विभिन्न प्रजातियों के जंगल को नया जीवन तो दे दिया, किंतु इस जंगल में मौजूद चीड़ के पेड़ उनकी मेहनत पर पानी फेर रहे हैं। युवकों ने वन विभाग से जंगल में मौजूद चीड़ के पेड़ों का पातन किए जाने की मांग की है। युवकों का कहना है कि चीड़ का पिरूल बांज व अन्य प्रजातियों के पेड़ों को विकसित नहीं होने दे रहा है। वहीं वन विभाग का कहना है कि चीड़ के पेड़ों का पातन संबंधी मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
विकास खंड कीर्तिनगर की ग्राम पंचायत पाब के नांडी गांव के नव युवक मंगल दल ने वर्ष 2006 में गांव के प्राकृतिक जल स्रोत ननाऊ में 300 बांज के बीजों का रोपण किया। इसके बाद यहां चार हजार से भी अधिक विभिन्न प्रजाति के पौधों का जंगल विकसित हो गया, किंतु अब युवकों को जंगल की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। युवक मंगल दल के अध्यक्ष विक्रम सिंह गुसांई व सचिव नरेंद्र कुमांई कहते हैं कि उगाए गए जंगल में चीड़ के पेड़ होने से इसका पिरूल इन पेड़ों का विकास अवरुद्ध कर रहा है।
इसके साथ ही फायर सीजन में जंगल में आग लगने की अधिक संभावना बनी रहती है। नव युवक मंगल दल के पदम सिंह पंवार, विजय नेगी, धीरज डंगवाल आदि ने वन विभाग से जंगल के बीच से चीड़ के पेड़ों के पातन किए जाने की मांग की है।
क्या कहना है इनका
चीड़ के पेड़ों के पातन के संबंध में उच्चतम न्यायालय में मामला विचाराधीन है। इसके लिए जनपद टिहरी व पौड़ी गढ़वाल की ओर से विभाग ने डीएफओ उत्तरकाशी को नोडल अधिकारी बनाया है। न्यायालय से आदेश मिलने पर इस प्रकार की समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
खुशाल सिंह रावत, वन क्षेत्राधिकारी माणिक नाथ रेंज डांगचौरा।