कोटद्वार। कोटद्वार रेलवे स्टेशन भवन का लेंटर खुलना शुरू हुआ, तो उसमें कुछ जगहों पर बीम और लेंटर खोखला निकला। अभी लेंटर पूरी तरह खोला भी नहीं गया था कि डीआरएम के आने से पहले ही मरम्मत कर दी गई।अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत करोड़ाें रुपये के बजट से रेलवे स्टेशन के नए भवन का निर्माण चल रहा है। भूतल पर तैयार भवन की फिनिशिंग का काम चल रहा है। मुख्य हॉल का लेंटर औसत समय बीतने के कई दिन बाद तक भी नहीं खुला है। वहीं, ऊपरी तल पर भवन के कुछ हिस्से का लेंटर खोलने का काम अब शुरू किया गया है।
मुख्य हॉल के एक ओर का लेंटर खोलना शुरू किया गया, तो उसमें कई जगहों पर लेंटर, पिलर और बीम में निर्माण सामग्री नहीं पहुंचने पर कुछ हिस्सा खोखला निकला। इससे पहले कि यह चर्चाओं में आए और रेलवे के उच्चाधिकारी इसे देखें, आनन-फानन प्लास्टर कर लीपापोती कर दी गई। दरअसल बृहस्पतिवार दोपहर डीआरएम भवन का निरीक्षण करने आ रहे थे।
दोपहर करीब दो बजे रेलवे स्टेशन पर पहुंचे डीआरएम राजकुमार ने प्लेटफाॅर्म, पानी की मशीन, निर्माणाधीन व अस्थायी शौचालय, सर्कुलेटिंग एरिया और निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण तो किया, लेकिन उस जगह पर नहीं पहुंचे, जहां भवन का लेंटर खोला जा रहा था। उनके आने से कुछ देर पहले ही खोखली जगहों की प्लास्टर से मरम्मत की गई थी। उन्होंने कार्यदायी संस्था के ठेकेदार व टीम को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। गति शक्ति यूनिट प्रभारी सुबोध चौहान ने डीआरएम के साथ कुछ बिंदुओं पर चर्चा की।
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खतरनाक बने हैं यूकेलिप्टस और पापड़ी के पेड़
रेलवे स्टेशन के बाहरी हिस्से में विशाल यूकेलिप्टस का एक पेड़ और स्टेशन के भीतर पापड़ी के विशाल दो पेड़ झुकाव वाली स्थिति में खड़े हैं। जिनसे कभी भी दुर्घटना हो सकती है। जिन्हें रेलवे अब तक कटवा नहीं सका है। डीआरएम ने संबंधित विभाग से निरंतर संपर्क बनाकर पेड़ों के कटान की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।
इंजीनियर्स को काम करने दीजिए। आप निश्चिंत रहें, हमारे इंजीनियर्स ठीक काम करेंगे। -राजकुमार, डीआरएम, मुरादाबाद