कोटद्वार। द्वारीखाल ब्लॉक अंतर्गत चैलूसैंण, सिलोगी, मस्टखाल, परसूली, भैंसूड़ समेत आसपास के गांवों में पिछले एक सप्ताह से भैरवगढ़ी पंपिंग पेयजल योजना से ग्रामीणों को दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। जिससे ग्रामीण गंदा पानी पीने को मजबूर हैं और क्षेत्र में संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा भी बना हुआ है। ग्रामीणों ने पेयजल निगम के अधिकारियों से उन्हें स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित कराने की मांग की है।
ग्रामीण गौरव सुयाल, मुकेश जुयाल, परमानंद, अजीत भंडारी, यशपाल सिंह, राकेश, अमर सिंह आदि ने बताया कि पांच साल पहले भैरवगढ़ी पेयजल योजना का लोकार्पण तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने किया था। कहा कि चैलूसैंण, सिलोगी, मस्टखाल, परसूली, भैंसूड़ समेत आसपास के गांवों में एक सप्ताह से पेयजल योजना से गंदे पानी की आपूर्ति हो रही है। जिससे ग्रामीण गंदा पानी पीने को मजबूर हैं।
आरोप लगाते हुए कहा कि निर्माण के पांच साल बाद भी अभी तक पेयजल योजना सुचारू रूप से धरातल पर नहीं उतर पाई है। कहा कि पेयजल आपूर्ति का समय भी निश्चित नहीं है और कई दिनों तक योजना से पेयजल आपूर्ति ठप रहती है। कई घरों में पानी तक नहीं आ रहा है। उन्होंने पेयजल निगम के अधिकारियों से क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति कराने की मांग की है। उधर, पेयजल निगम कोटद्वार के सहायक अभियंता देवेश कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। अधीनस्थ कर्मचारियों से मामले की जानकारी ली जा रही है।