ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन को लेकर शुक्रवार को रेल विभाग के कार्मिकों, प्रभावित गांवों के जनप्रतिनिधियों, सर्वे दल सहायकों की बैठक में प्रभावित क्षेत्र के लोगों की जमीन अधिग्रहण पर विचार विमर्श किया गया।
पालिका सभागार में हुई बैठक में एडीएम रामजीशरण शर्मा ने बताया कि रेलवे लाइन निर्माण में पौड़ी जिले के 16 गांव प्रभावित होंगे। गांवों में 27 मई से 17 टीमें सर्वे करेगी। उन्होंने कहा कि रेल लाइन के निर्माण में पारदर्शिता के लिए वीडियोग्राफी की जाएगी।
बैठक में जनपद में इस रेल लाइन के निर्माण में सबसे पहले भूमि अधिग्रहण के कार्यों को लेकर सर्वे किया जाएगा। दल की ओर से प्रभावित गांवों में जाकर उनके दावे व आपत्तियों का विवरण प्राप्त किया जाएगा। जिला प्रशासन की ओर से प्रभावित गांवों के सर्वे के लिए 27 मई से 17 सर्वे टीमें बनाई जाएंगी।
पुनर्स्थापना व भूमि अधिग्रहण के लिए जिला स्तर पर एडीएम की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर दी है। रेल मंत्रालय के डीजीएम की ओर से ऋषिकेश- कर्णप्रयाग रेलपथ निर्माण के संबंध में जिले के प्रभावित 16 गांवों के लोगों की जनसुनवाई 27 मई को होगी। इस मौके पर एसडीएम पीएल शाह, तहसीलदार आशीष घिल्डियाल, नगर पालिका के ईओ महेंद्र यादव, रेल विभाग के कार्मिक और संबंधित गांवों के जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
ये गांव होंगे प्रभावित
रेल लाइन निर्माण में पौड़ी तहसील के सिराला, सौड़, पोखरी रेलपथ निर्माण से प्रभावित गांवों में शामिल हैं। श्रीनगर तहसील के गंगनाली, ढामाकन, फरासू, दिखोल्यूं, बगवान लगा चोपड़ा, चिलगढ़ तल्ला व चिलगढ़ मल्ला, पुराना श्रीनगर, मलगांव, डुंगरीपंत, कोठड़, स्वीत, जनासू गांव शामिल हैं।