दुगड्डा (कोटद्वार) विकासखंड दुगड्डा के सभागार में पंचायत प्रतिनिधियों का पांच दिवसीय प्रशिक्षण शुरू किया गया है। मास्टर ट्रेनर ने क्षमता विकास, मनरेगा, पेंशन, पंचायत एक्ट समेत विभिन्न विषयों पर तकनीकी जानकारी दी।
साझासैंण स्थित ब्लाक सभागार में आयोजित पंचायत प्रतिनिधियों के अभिमुखी प्रशिक्षण के दूसरे दिन मास्टर ट्रेनर रतन सिंह रावत ने बताया कि पंचायत सचिव व ग्राम प्रधान के बीच समन्वय होना जरूरी है। ग्राम पंचायतों में समितियों की आवश्यकता, गठन एवं कार्य के संबंध में बताते हुए ग्राम पंचायतों की बैठकों एवं कार्रवाई से अवगत कराया। मास्टर ट्रेनर उपेंद्र रावत ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नीति 2017 के संबंध में बताया कि उत्तराखंड में प्रतिदिन हजारों टन कचरा उत्पन्न हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट के निस्तारण की व्यवस्था नहीं होने से पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। आईटी प्रशिक्षक सूरज, नवनियुक्त ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सदस्य मौजूद रहे। संवाद