लैंसडौन। बांज, बुरांश, काफलों के वृक्षों से छनकर आती हुई हवाओं से सुकून दिलाने वाला लैंसडौन इस समय गर्मी की चपेट में है। तापमान 33 डिग्री पार होने से लोगों की बेचैनी बढ़ गई है।बृहस्पतिवार काे नगर का न्यूनतम तापमान 16 डिग्री और अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस रहा। मई में अधिकतम तापमान कभी भी 28 डिग्री से अधिक नहीं रहा, लेकिन इस बार मई का महीना रिकॉर्ड गर्म है। दो दिन पहले मंगलवार को नगर का अधिकतम तापमान 26 डिग्री था। मात्र दो दिन में ही तापमान में आठ डिग्री बढ़ने से मुश्किलों का अंदाजा लगाया जा सकता है। हालांकि मैदानी क्षेत्रों की तुलना में यह तापमान कम है, लेकिन लैंसडौन का अन्य वर्षों की तुलना में इस बार का अचानक बढ़ा हुआ तापमान चिंता का कारण बना हुआ है।
दिन आगे बढ़ने के साथ साथ तापमान भी चरम पहुंचता गया। सुबह चार बजे का तापमान 16 डिग्री, सात बजे 26 डिग्री, आठ बजे 27 डिग्री, नौ बजे 29 डिग्री, 10 बजे 31 डिग्री, 11 बजे से दो बजे तक 32 डिग्री और अपराह्न तीन बजे 33 डिग्री तक तापमान पहुंच गया। चार बजे के बाद तापमान में हल्की सी गिरावट आई। शाम चार से छह बजे तक तापमान 32 डिग्री रहा।
समाजसेवी डॉ. एसपी नैथानी कहते हैं कि जिस तरह से मई माह का तापमान 33 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा है, यह चिंता की बात है। मई का यह तापमान अब तक का सबसे ज्यादा है। उन्होंने कहा कि अनियंत्रित विकास, लैंसडौन के आसपास वृक्षों का अंधाधुंध कटान, पर्यटन व बढ़ते वाहन इस गर्मी के जिम्मेदार कारक हैं। उन्होंने नियंत्रित विकास पर जोर दिया।