कोटद्वार। पोस्ट ऑफिस में कंधे का थैला काटकर 1,46,000 रुपये चोरी करने के मामले में फरार चल रहे पच्चीस हजार के इनामी टप्पेबाजी गैंग के सरगना मोगली सिसौदिया को पौड़ी पुलिस ने आखिरकार दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। वह गिरफ्तारी से बचने के लिए कई राज्यों में अलग-अलग ठिकाने बदलकर पुलिस को लगातार चकमा दे रहा था। कोतवाली पुलिस दो सालों से उसे तलाश कर रही थी। कई राज्यों में टप्पेबाजी की घटनाओं को अंजाम देने के बाद अन्य राज्यों की पुलिस को भी उसकी तलाश थी।
कोतवाल मणिभूषण श्रीवास्तव ने बताया कि गत एक सिंतबर, 2022 को कोटद्वार के शिवपुर निवासी लोकमणि डोबरियाल ने कोतवाली पुलिस को मामले में शिकायती प्रार्थनापत्र दिया। जिसमें उन्होंने कहा कि डाकघर में रुपये जमा करते समय किसी अज्ञात व्यक्ति ने शातिराना अंदाज में उनका थैला काटकर 1,46,000 रुपये चोरी कर लिए हैं। कोतवाली पुलिस ने मामले में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान मोगली सिसौदिया द्वारा अपने साथी के साथ घटना को अंजाम देने की बात प्रकाश में आई। गठित पुलिस टीम ने सुरागरसी, सीसीटीवी फुटेज व अथक प्रयास से अभियोग में संलिप्त एक नाबालिग अभियुक्त को मय 60,000 रुपये की नकदी के साथ बस अड्डा कोटद्वार के पास से पुलिस संरक्षण में लिया गया था। मामले में पुलिस को मुख्य आरोपी मोगली सिसौदिया की तभी से तलाश थी। वह लगातार अपने ठिकाने व मोबाइल नंबर बदलकर पुलिस को चकमा दे रहा था।
एसएसपी पौड़ी लोकेश्वर सिंह ने आरोपी पर 25,000 रुपये का इनाम घोषित था। कहा कि गठित पुलिस टीम ने पूर्व में लगातार मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश एवं अन्य राज्यों में उसे पकड़ने के लिए दबिशें दी थीं, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई। पौड़ी पुलिस ने पुन: कुशल रणनीति बनाकर ठोस सुरागरसी एवं सर्विलांस की मदद से आरोपी के बारे में विभिन्न माध्यमों से जानकारी जुटाई और अथक प्रयासों के बाद सोमवार को मोगली सिसौदिया को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को कोर्ट में पेश कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।
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अपराध करने का तरीका
पुलिस टीम ने बताया कि मोगली सिसौदिया और उसके गैंग के सदस्य बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, शादियों आदि भीड़ वाले स्थानों में शातिराना अंदाज से ज्वेलरी, रुपये व कीमती सामान पर हाथ साफ करते थे। आरोपी शातिर किस्म का अपराधी है। उसके द्वारा मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश समेत अन्य राज्यों में भी टप्पेबाजी के घटनाओं को अंजाम देने की बात प्रकाश में आई है। अन्य प्रदेशों की पुलिस को भी उसकी तलाश थी। अन्य प्रदेशों में उसके आपराधिक इतिहास की जानकारी ली जा रही है।