उत्तराखंड गो सेवा आयोग ने सड़कों पर गोवंश के पशुओं को छोड़ने पर संबंधित पशुपालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही शहर क्षेत्र में नगर पालिका व पशुपालन विभाग को गोवंश पशुओं के पंजीकरण और टैगिंग करने करने के लिए अभियान चलाने को कहा है।
प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष नरेंद्र रावत ने रविवार को यहां अधिकारियों की बैठक लेकर आवारा घूम रहे गोवंश के पशुओं के संरक्षण और पशुओं के काम न आने पर उन्हें लावारिस छोड़ देने वाले पशुपालकों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पशुपालन विभाग और नगर पालिका संयुक्त अभियान चलाकर पशुओं का पंजीकरण कर टैगिंग करे ताकि इससे आवारा गोवंश पशु की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके। इसके अलावा गोवंश के प्रति क्रूरता रोकने के लिए जन जागरण अभियान चलाने को भी कहा। इस अभियान में उन्होंने शहर में स्थित गोतीर्थाश्रम का सहयोग लेने की बात कही।
अध्यक्ष ने गोवंश की तस्करी पर नजर रखने के लिए पुलिस को नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने निराश्रित गोवंश को रखने के लिए राजस्व विभाग को शहर के समीप गौचर भूमि उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। इस दौरान पालिका अध्यक्ष विपिन चंद्र मैठाणी, उप जिलाधिकारी रजा अब्बास, तहसीलदार वेदपाल चौधरी, कोतवाल उत्तम सिंह, स्वामी विशुद्धानंद और डा.अरविंद दरमोड़ा आदि मौजूद थे।