कोटद्वार। शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन बृहस्पतिवार को मंदिरों में माता शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की गई। वहीं, घरों में भी घट स्थापना कर देवालयों की स्थापना का माता रानी का गुणगान किया गया।प्रथम शारदीय नवरात्र पर बृहस्पतिवार को सुबह से कोटद्वार के प्राचीन सिद्धपीठ सुखरो देवी मंदिर में देवी भक्त पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे थे। मंदिर के पुजारी विमल बड़थ्वाल ने मंत्रोच्चारण के साथ श्रद्धालुओं द्वारा लाई गई भेंट एवं प्रसाद माता को चढ़ाया गया और फिर श्रद्धालुओं में वितरित किए गए। वहीं श्रद्धालुओं ने परिवार, समाज एवं देश में सुख-शांति व समृद्धि की कामना की। श्रद्धालुओं अनिकेत कुकरेती, जटाशंकर द्विवेदी, हरिओम गुसाईं, प्रेम बडोला आदि ने बताया कि वे कई वर्षों से निरंतर मंदिर आते हैं। यहां तन को ऊर्जा और मन को शांति मिलती है। मां की कृपा उन पर बरसती है।
वहीं, प्रथम नवरात्र पर बाजार भी सजे दिखाई दिए। व्रत के सामान, पूजन सामग्री, माता की साज-सज्जा के सामान आदि की कुछ जगहों पर विशेष स्टॉल लगी थीं। बाजार में फल, नारियल, पैक्ड जूस आदि की खासी डिमांड रही। इसके अलावा दुगड्डा, लैंसडौन, सतपुली, जयहरीखाल, बैजरो आदि क्षेत्रों में भी शारदीय नवरात्र का परंपरागत रूप से स्वागत कर श्रद्धालुओं ने उपवास रखा और माता रानी का पूजन किया। मंदिरों और घरों में विशेष पूजन से वातावरण देवीमय बना रहा।