कोटद्वार। लैंसडौन के भाजपा विधायक दिलीप रावत की धमकी सरकार पर असर कर गई है। राज्य सरकार ने उनकी दोनों मांगे मान ली हैं। जहां एक ओर नवसृजित विद्युत वितरण खंड नैनीडांडा में अधिशासी अभियंता की तैनाती कर दी गई है, वहीं कालागढ़ टाइगर रिजर्व के डीएफओ को लैंसडौन से ही कार्य संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।
भाजपा विधायक दिलीप रावत ने बीते सप्ताह अपनी ही सरकार के वन एवं ऊर्जा मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत के खिलाफ मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था, जिसमें उन पर लैंसडौन क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए केटीआर का कार्यालय लैंसडौन से संचालित न करने और विद्युत वितरण खंड नैनीडांडा में अधिशासी अभियंता की तैनाती में देरी करने का आरोप लगाया था। उनकी ओर से मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की गई थी। विधायक दिलीप रावत ने बताया कि कोटद्वार डिवीजन में सहायक अभियंता राजस्व के रूप में काम कर रहे शैलेंद्र बिष्ट को नैनीडांडा डिवीजन में प्रभारी अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड का दायित्व सौंपा गया है। यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक की ओर से उपमहाप्रबंधक अमित कुमार का पत्र कोटद्वार डिवीजन और उन्हें प्राप्त हो गया है। केटीआर का दफ्तर भी लैंसडौन से चलेगा। वहां के डीएफओ प्रकाश आर्य को शासन की ओर से निर्देशित कर दिया गया है।