देवप्रयाग तहसील की ग्राम पंचायत उमरी टुुंगटा तोक के ग्रामीणों ने विस्थापन की मांग के लिए एसडीएम कार्यालय में शनिवार को सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि भूधंसाव से उनके आवासीय भवन खतरे की जद में हैं। साथ ही यहां लगातार जमीन भी धंस रही है।
हिंसरियाखाल पट्टी के टुुंगटा तोक में कई साल से भूस्खलन और भूधंसाव हो रहा है। इससे भवनों में दरारें पड़ गई हैं। इसके चलते एक माह से नौ परिवार हिंसरियाखाल-गुजेटा लिंक मोटर मार्ग के किनारे छप्पर डालकर रह रहे हैं। प्रभावित परिवारों में अधिकतर ग्राम पंचायत बरसोली से हैं। कुछ उमरी से टुंगटा तोक में बसे हैं। प्रभावित सोहन लाल ने कहा कि भवन रहने लायक नहीं है। कई भवनों में दरारें हो गई हैं। इस संबंध में कई बार प्रशासन व स्थानीय जनप्रतिनिधियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। यहां तक कि किसी प्रशासनिक अधिकारी या जन प्रतिनिधि ने गांव आने तक की जहमत नहीं उठाई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर कोई कार्रवाई नहीं की गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। धरना-प्रदर्शन में रामेश्वरी देवी, चिरंजी लाल, मोहन लाल, उम्मेद लाल, संजय चौहान, धन सिंह, हीरा लाल, गौरव राणा, राहुल बहुगुणा, मुकेश गैरोला, दर्शन लाल आदि शामिल थे।