राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोटद्वार में वंदे मातरम ग्रुप के छात्रों ने प्राचार्य की लगातार अनुपस्थिति के विरोध में जमकर हंगामा काटा। उनका कहना था कि प्राचार्य विद्यार्थियों के लिए तो 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य करते हैं लेकिन खुद कई दिनों से बिना किसी जानकारी के अनुपस्थित चल रहे हैं। इससे महाविद्यालय में कई कागजी कार्रवाई प्रभावित हो रही हैं।
मंगलवार को वंदे मातरम ग्रुप के छात्र प्राचार्य की अनुपस्थिति को लेेकर प्राचार्य के कक्ष में पहुंचे जहां उन्होंने ‘प्राचार्य वापस आओ’ के नारे लगाते हुए प्राचार्य की अनुपस्थित पर सवाल उठाए। छात्रों का कहना था कि प्राचार्य की अनुपस्थित के चलते छात्र-छात्राओं को कागजी कार्रवाई में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्राचार्य के न होने से महाविद्यालय में शिक्षक समय पर नहीं पहुंचते हैं जिससे छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित होती है। प्राचार्य होते तो वे उनसे शिकायत करते परंतु जब प्राचार्य ही लंबे अवकाश पर चल रहे हैं तो किससे शिकायत करें। साथ ही कई कागजी कार्रवाई के लिए प्राचार्य के हस्ताक्षर की जरूरत पड़ती है लेकिन प्राचार्य के लंबे अवकाश के चलते छात्र-छात्राओं को हस्ताक्षर कराने के लिए चक्कर काटने को मजबूर होना पड़ता है।
मांगी उपस्थिति पंजिका
छात्रों ने कहा कि वे प्राचार्य के नियमों के अनुसार महाविद्यालय में 75 प्रतिशत उपस्थिति के तहत पहुंचते हैं लेकिन महाविद्यालय में शिक्षकों की गैरमौजूदगी से उनकी पढ़ाई के साथ समय भी बर्बाद होता है। उन्होंने प्रभारी प्राचार्य से शिक्षकों की उपस्थिति पंजिका दिखाने की मांग की जिससे शिक्षकों के आने का समय ज्ञात हो सके। प्रभारी प्राचार्य डॉ. रेनू नेगी ने छात्रों को समझाते हुए कहा कि प्राचार्य आठ फरवरी से मेडिकल लीव पर थे। 24 फरवरी को उन्होंने महाविद्यालय ज्वाइन किया था जिसके बाद वे किसी कार्य से लैंसडौन महाविद्यालय गए हैं। प्रभारी प्राचार्य के जवाब से छात्र संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दो दिन के अंदर प्राचार्य महाविद्यालय में उपस्थित नहीं हुए तो वे महाविद्यालय की समस्त कक्षाओं को बंद कराने के लिए मजबूर होंगे। इस अवसर पर पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष विजय रावत, सूरज राणा, आकाश बलूनी, नरेश चंद्र कोटनाला, हिमांशु बहुखंडी, गौरव ढौंढियाल, गौरव काला, निखलेश कुकरेती, पवन बिष्ट, हिमांशु वर्मा, आकाश बलूनी के अलावा कई छात्र मौजूद थे।