कोटद्वार। रेल ट्रैक के सुदृढ़ीकरण के लिए रेलवे ने 70 लाख रुपये की कार्य योजना तो बनाई है, मगर ऊपरी हिस्से से लुढ़क रहे पत्थरों को रोकने पर ध्यान नहीं दिया। आए दिन पत्थर (बोल्डर) प्लेटफाॅर्म और रेल ट्रैक पर गिर रहे हैं। प्लेटफाॅर्म पर किए गए कार्य को नुकसान पहुंचने और यात्रियों के चोटिल होने की आशंका बनी है।अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत रेलवे स्टेशन के नए भवन का निर्माण किया जा रहा है। भवन की ऊपरी मंजिल का निर्माण चल रहा है। पिछले कुछ वर्षों में हुई तेज वर्षा से प्रभावित होकर रेल ट्रैक के नीचे मिट्टी कटान होने का संज्ञान लेते हुए डीआरएम राजकुमार ने भवन निर्माण के साथ साथ रेल ट्रैक सुदृढ़ीकरण के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए थे। 70 लाख रुपये की बजट स्वीकृति होने पर दो महीने पहले रेल ट्रैक के निचले हिस्से में पिचिंग (मिट्टी की ढांग पर पत्थर चढ़ाना) का काम शुरू किया गया। रेलवे स्टेशन के यार्ड में सुरक्षा दीवार बनाकर रेल ट्रैक की साइड का काफी हिस्सा सुरक्षित किया जा चुका है।
रेलवे स्टेशन क्षेत्र भौगोलिक दृष्टि से सीढ़ीनुमा स्थल है। यहां सबसे निचले हिस्से को पिचिंग कर सुरक्षित किया जा रहा है, जबकि सबसे ऊपरी क्षेत्र में कमजोर पड़ चुके टीलों पर किसी का ध्यान नहीं है। रोजाना दो-चार पत्थर टीले से लुढ़ककर गिर रहे हैं। नजीबाबाद-कोटद्वार के बीच ट्रेन से आवागमन करने वाले दैनिक यात्री रवि कुमार, मो. यूसुफ, ओमपाल शर्मा ने बताया कि इस समस्या से निजात के लिए ऊपरी सिरे में भी पिचिंग की जानी चाहिए।
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अभी पहली प्राथमिकता नए भवन का निर्माण जल्द से जल्द पूरा करना है। निचले हिस्से में पिचिंग का काम चल ही रहा है। ऊपरी हिस्से में सीढ़ीनुमा रास्ता और उसके आसपास क्षेत्र में मार्च तक काम कर सुधार कराया जाएगा। -सुबोध चौहान, प्रभारी, गति शक्ति यूनिट, रेलवे मुरादाबाद