आम आदमी की पहचान राशन कार्ड का महत्व इस आधुनिक युग में जल्द ही समाप्ति की कगार पर है। अब लोगों को राशन लेने के लिए कार्ड की जरूरत नहीं पड़ेगी। जिले की 945 सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों को बायो मैट्रिक मशीन से जोड़ा जा रहा है। इससे लोग अंगूठा लगाकर ही राशन ले सकेंगे और राशन डीलरों द्वारा धांधली की शिकायत पर भी अंकुश लगेगा।
वर्तमान में आम आदमी के सभी कार्य ऑनलाइन होने लगे हैं। अब आदमी घर बैठे ही सामान खरीद रहा है। ऐसे में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने भी अपने सिस्टम को अपडेट करते हुए ऑनलाइन करने का निर्णय लिया है। इसके तहत पूरे प्रदेश में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर बायो मैट्रिक मशीन लगाई जाएगी। पौड़ी गढ़वाल जिले में इस योजना को लागू करने के लिए पौड़ी और श्रीनगर में एक-एक मशीन लगा दी गई है। पूरे जिले की सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर मशीनों को लगाया जाएगा।
राशन की धांधली पर लगेगी लगाम
आए दिन शिकायत मिलती है कि राशन डीलर माह के अंत में दुकान खोलता है और उसके बाद भी उपभोक्ताओं से राशन समाप्त होने की बात कहकर उन्हें वापस लौटा देता है। फिर डीलर उसी राशन को ब्लैक में बेचता है। जब राशन की दुकानों पर बायो मैट्रिक मशीन लग जाएगी। तब दुकान से कितने राशन की बिक्री हुई और कितना स्टाक है। इस सब की जानकारी ऑनलाइन होगी। .
इनका कहना है
जिला आपूर्ति अधिकारी जगदीश वर्मा का कहना है कि पौड़ी व श्रीनगर में एक-एक बायो मैट्रिक मशीन लगाई गई है। यदि योजना सफल होती है, जिले के 945 सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर उक्त मशीन लगाई जाएगी।