भाबर के किशनपुर में आयोजित रामलीला मंचन के चौथे दिन सीता स्वयंवर, शिव धनुष तोड़ने, लक्ष्मण परशुराम संवाद, राम विवाह और दशरथ कैकई संवाद की लीला का मंचन किया गया।
शुक्रवार रात को रामलीला के चौथे दिन मंचन के शुरू में राजा जनक के दरबार में सीता स्वयंवर का दृश्य दिखाया जाता है। श्री राम शिवधनुष को तोड़ते हैं, इसके बाद सीता वर माला डालकर श्रीराम से विवाह करतीं है। राम विवाह के बाद अयोध्या में खुशी का माहौल है। दशरथ राम को राजा बनाना चाहते हैं कि तभी मंथरा कैकई से भरत को राजा बनाने की बात कहती है। मंथरा की बातों में आकर कैकई राजा दशरथ से राम को 14 वर्ष का वनवास और भरत को राजगद्दी देने का वचन मांगती है। इस अवसर पर बीडीसी मेंबर सुनीता कोटनाला, भाजपा नगर उपाध्यक्ष पूनम थपलियाल, जेई नवीन गुसाईं, समिति अध्यक्ष गौरव कुकरेती, नवीन थपलियाल, पित्र शरण जोशी आदि मौजूद थे। संचालन शोभित मैठाणी और गणेश धूलिया ने किया।