समाज कल्याण विभाग का पोर्टल पिछले दो माह से बंद पड़ा हुआ है, जिससे विधवा, वृद्धा और विकलांग पेंशन के लिए लोग ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। हालांकि विभाग की ओर से ऑफलाइन आवेदन की व्यवस्था की गई है, लेकिन इसमें कागजी कार्रवाई ज्यादा होने के कारण उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कोटद्वार में तहसील, नगर निगम, किशनपुर, झंडीचौड़ में सीएससी सेंटर खोले गए हैं। इसके अलावा कई लोगों द्वारा लाइसेंस लेकर व्यक्तिगत सीएससी सेंटर भी खोले गए हैं। सीएससी सेंटरों के माध्यम से लोग सरकारी योजनाओं के लिए आसानी से ऑनलाइन आवेदन कर लेते हैं। अधिकांश सरकारी योजनाएं समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित होती हैं। पूर्व में विभाग की ओर से संचालित विधवा, वृद्धा और विकलांग पेंशन के लिए लोग स्थानीय स्तर पर ही सीएससी सेंटरों के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर लेते थे, जिससे जहां एक ओर उनका काफी समय बच जाता था, वहीं उन्हें समाज कल्याण विभाग के भी चक्कर नहीं कटाने पड़ते थे। गत दो माह पूर्व विभाग के पोर्टल को बंद कर दिया गया, जिससे ऑनलाइन आवेदन नहीं हो पा रहे हैं। विभाग की ओर से पोर्टल के खुलने तक ऑफलाइन आवेदन की व्यवस्था की गई है। लेकिन ऑफलाइन आवेदन के लिए जहां लोगों को ज्यादा कागजी कार्रवाई करनी पड़ रही है, वहीं इससे लोगों पर आर्थिक बोझ भी पड़ रहा है।
पार्षद सुखपाल शाह का कहना है कि विभागीय पोर्टल बंद होने से लोगों को विधवा, वृद्धा और विकलांग पेंशन के लिए आवेदन करने में दिक्कतें आ रही हैं।
ऑफलाइन ऐसे हो रहा काम
आवेदनकर्ता को फार्म में पहले पटवारी, तहसीलदार, नगर आयुक्त, पार्षद, मेयर और एसडीएम के हस्ताक्षर कराने पड़ रहे हैं। इसके बाद सहायक समाज कल्याण अधिकारी के हस्ताक्षर हो रहे हैं। इसके बाद एसडीएम के माध्यम से आवेदनपत्र जिले में भेजे जा रहे हैं। सहायक समाज कल्याण अधिकारी के हस्ताक्षर कराने के लिए लोगों को करीब 16 किमी. दूर दुगड्डा ब्लाक मुख्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
विभागीय पोर्टल पिछले दो माह से बंद है। विधवा, वृद्धा, विकलांग पेंशन के लिए ऑफलाइन आवेदन किए जा रहे हैं। आवेदनकर्ता सोमवार और शुक्रवार को कार्यालय में आकर फार्म में उनके हस्ताक्षर करा सकते हैं।
- ममता जालवाल, सहायक समाज कल्याण अधिकारी दुगड्डा।