कांडाखाल क्षेत्र में काटे जा रहे चीड़ प्रजाति के हरे पेड़।
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लैंसडौन वन प्रभाग के कोटद्वार रेंज में पड़ने वाले कांडाखाल और बड़ेथ गांव के नापखेत में चीड़ के दस पेड़ काटने की अनुमति की आड़ में दर्जनों पेड़ काटने का मामला प्रकाश में आया है। ग्रामीणों ने मामले में वन विभाग की मिलीभगत की आशंका जताते हुए फोटोग्राफ और वीडियो भेजकर उच्चाधिकारियों से शिकायत की।
दुगड्डा व द्वारीखाल ब्लाक के राजीव, सुमन कुमार, राम सिंह और विकास कुमार ने आरोप लगाया कि वन विभाग के साथ मिलीभगत कर वन माफिया से जुड़े कुछ लोग मटियाली बैंड से लेकर कांडाखाल और बड़ेथ ग्राम पंचायत तक बड़े पैमाने पर चीड़ और अन्य प्रजाति के हरे पेड़ों को काट रहे हैं। वहीं पेड़ काटने के दौरान मार्ग से गुजरने वाली जीप टैक्सियों और अन्य वाहनों को भी घंटों तक रोका जा रहा है, जिससे लोगों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए देर हो रही है। क्षेत्रवासियों ने अपना नाम न छापने की शर्त पर बताया कि क्षेत्र में वन तस्कर सक्रिय होकर अवैध पातन कर रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने प्रमुख वन संरक्षक देहरादून और मुख्य वन संरक्षक को फोटोग्राफ और वीडियो भेजकर मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। कोटद्वार के रेंज अधिकारी प्रदीप उनियाल ने बताया कि क्षेत्र में दस पेड़ों को काटने की अनुमति दी गई है। अवैध पातन की जांच कराई जाएगी।