उत्तराखंड के लैंसडौन वन प्रभाग की दुगड्डा ब्लाक के ग्राम भैड़गांव निवासी एक 65 वर्षीय वृद्धा को गुलदार ने हमला कर मार डाला। घटना बुधवार शाम की बताई जा रही है, लेकिन घटना का पता बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे चल पाया, जब ग्रामीणों को पैदल मार्ग पर खून के निशान दिखे और पास में ही वृद्धा का थैला पड़ा मिला। वृद्धा गांव से कोटद्वार अपने बेटे के घर जा रही थी। घटना से क्षेत्र में गुलदार की दहशत बनी है। वहीं मौके पर राजस्व विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों के देरी से पहुंचने पर ग्रामीणों ने आक्रोश जताया।
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार जयंती देवी (65) पत्नी स्व. रामविलास कंडवाल बुधवार शाम करीब चार बजे भैड़गांव से जुवा होते हुए पैदल मार्ग से दुगड्डा अपने बेटे के घर जा रही थी। दुगड्डा से करीब एक किमी पहले जुवा और सरूड़ा गांव के बीच पैदल मार्ग पर घात लगाए बैठे गुलदार ने उस पर हमला कर दिया और करीब दो सौ मीटर दूर झाड़ियों में ले गया। रात तक जब महिला कोटद्वार अपने बेटे के घर नहीं पहुंची तो परिजनों ने खोजबीन शुरू की।
बृहस्पतिवार सुबह इसी पैदल मार्ग से दुगड्डा की ओर आ रहे वन पंचायत सरपंच लक्ष्मण सिंह नेगी को रास्ते में कई जगह खून पड़ा मिला तो उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। कुछ दूरी पर एक थैला पड़ा मिला, जिसमें वृद्धा जयंती देवी कंडवाल का आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज मिले। उन्होंने आसपास के लोगों और ग्रामीणों को सूचना दी। घटनास्थल से करीब दो सौ मीटर दूर झाड़ियों में वृद्धा का अधखाया शव बरामद हुआ। सूचना के बाद पुलिस, वन विभाग और राजस्व विभाग के कर्मचारी अधिकारी पहुंचे। इसके बाद शव पोस्टमार्टम के लिए कोटद्वार भेज दिया गया। वहीं वन विभाग की ओर से परिजनों को एक लाख रुपये की तात्कालिक आर्थिक सहायता का चेक प्रदान किया गया है। राजस्व विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों के देरी से पहुंचने पर ग्रामीणों ने आक्रोश जताया।
10 लाख की सहायता की मांग
पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष और कृषि उत्पादन मंडी के अध्यक्ष सुमन कोटनाला ने राजस्व विभाग के अधिकारियों के देरी से पहुंचने पर नाराजगी प्रकट करते हुए जिलाधिकारी को मामले की सूचना दी। पूर्व विधायक शैलेंद्र रावत, ब्लाक प्रमुख रुचि कैंत्यूरा और महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष सरोजनी कैंतुरा ने घटना पर दुख जताते हुए परिजनों को दस लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाने की मांग सरकार से की।