लोनिवि की उदासीनता के कारण दुगड्डा ब्लाक के छह गांव के लोग जर्जर झूला पुल से जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर हैं। लोग दस साल से बदहाल झूला पुल की मरम्मत की मांग कर रहे हैं, लेकिन लोगों की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
ब्लाक दुगड्डा के सरुडा सकाली, बोर गांव, जुआ, बूंगधार, भैड़गांव, बंगला आदि गांवों की जनता की आवाजाही के लिए खोह नदी पर झूलापुल बनाया गया था। देखरेख के अभाव में दस वर्षों से पुल जर्जर हालत में है। पुल की चादर गली हुई है और साइड की तार पर जंक लगा हुआ है, जिसके कारण यहां आवाजाही में खतरा बना हुआ है। ग्राम प्रधान सलमान अहमद, ग्रामीण कुलदीप सिंह रावत, सरदार सिंह नेगी, मोहम्मद इदरीश, जगदीश सिंह, ममता देवी ने कहा कि शिकायत के बाद विभाग पुल के ऊपर कोलतार बिछाकर चलता बना। लोनिवि के सहायक अभियंता एसके बिंजोला का कहना है कि पुल की मरम्मत के लिए शासन को आगणन तैयार कर बजट स्वीकृति के लिए भेजा गया था, लेकिन वित्तीय स्वीकृति नहीं मिल पाई। जनप्रतिनिधियों की मांग पर एक बार फिर आगणन तैयार कर शासन को भेजा जाएगा।