चिह्नित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति के केंद्रीय मुख्य संरक्षक धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि प्रदेश सरकार पर मांगें न मानकर आंदोलनकारियों और शहीदों के अपमान का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलनकारी मांगों को लेकर 30 अक्तूबर को देहरादून में सत्याग्रह करेंगे। इसके बाद भी यदि राज्य सरकार नहीं जागी तो वे राज्य स्थापना दिवस पर घंटाघर से सचिवालय तक प्रदर्शन करेंगे।
लोनिवि गेस्ट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने तीन साल के कार्यकाल में आंदोलनकारियों की मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत के चुनाव न लड़ने की घोषणा को महज जुमलेबाजी बताया। उन्होंने लैंसडौन विधायक दिलीप रावत पर विधायक निधि की बंदरबांट का आरोप लगाया। इससे पूर्व उन्होंने चिह्नित राज्य आंदोलनकारियों की बैठक ली। इस मौके पर राज्य आंदोलनकारी सुनीता बिष्ट, जिलाध्यक्ष मनमोहन असवाल, कैलाश पंत, नगर अध्यक्ष बलवंत सिंह रावत, लोकेश पोखरियाल, सुरेंद्र, विनोद सिंह रावत आदि मौजूद रहे।