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संपत्ति कर लगाने पर भड़के लोग, आंदोलन की चेतावनी

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नगर निगम क्षेत्र में शामिल कोटद्वार भाबर के 35 ग्राम सभाओं के 73 गांवों से संपत्ति कर वसूलने की तैयारी निगम ने कर ली है। इस बारे में लोगों से 30 दिनों में आपत्तियां और सुझाव मांगे गए हैं। वहीं टैक्स वसूली की सूचना पर लोगों ने आक्रोश जताया और विरोध में आंदोलन की चेतावनी दी। लोगों ने राज्य सरकार को चुनाव के समय किए वायदे की ओर ध्यान दिलाया है, जिसमें दस साल तक कोई भी टैक्स न लेने का भरोसा दिलाया गया था।
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नगर आयुक्त पीएल शाह ने कहा कि आपत्तियों और सुझावों पर विचार करने के बाद ही क्षेत्रवार मासिक किराया दरों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। वहीं उत्तराखंड आंदोलनकारी राष्ट्रीय मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष शक्तिशैल कपरवाण का कहना है कि नगर निगम का विरोध करने वाले लोग चुनाव जीतकर पदों पर काबिज हो गए हैं। लोगों में ऐसे लोगों के प्रति आक्रोश व्याप्त है, लेकिन जनता के हितों के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे। इसका विरोध किया जाएगा। दुर्गापुर के भाजपा पार्षद कमल सिंह नेगी और सौरभ नौडियाल ने कहा कि संपत्ति कर के विरोध में आंदोलन किया जाएगा।
‘संपत्ति कर लगाने का निर्णय वापस लें’
कोटद्वार। आम आदमी पार्टी (आप) की वर्चुअल बैठक में क्षेत्रवासियों ने संपत्ति कर वसूलने का पुरजोर विरोध करते हुए प्रदेश सरकार से इस निर्णय को वापस लेने की मांग की। बैठक में मेजर जनरल डॉ. चंद्र किशोर जखमोला (से.नि.) ने कहा कि क्षेत्र की जनता वर्षों से कोटद्वार जिला निर्माण की मांग उठाती आ रही है, लेकिन सरकार ने जिला निर्माण के बजाय जनता पर जबरदस्ती नगर निगम थोप दिया। नगर निगम के बनते ही उनपर जिला विकास प्राधिकरण भी थोप दिया गया। लोग नक्शा पास कराने के लिए डीडीए के चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने संपत्ति कर के निर्णय को वापस लेने, डीडीए को अविलंब समाप्त करने, बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की। बैठक में अधिवक्ता अरविंद वर्मा, राजेंद्र जजेड़ी, नंदकिशोर जखमोला, मनोज रावत, हर्षिता, भारत रावत, मोहित ठाकुर मौजूद रहे। (ब्यूरो)
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