राजकीय मेडिकल कालेज में एक साल की जेआरशिप (जूनियर रेजीडेंट) पूरी कर चुके 26 चिकित्सकों को स्वास्थ्य विभाग ने तैनाती दे दी है। अनुबंध के अनुसार चिकित्सकों को प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में सेवा देनी होगी। सबसे अधिक 13 चिकित्सक पौड़ी जिले को मिले हैं।
यहां बता दें कि उत्तराखंड शासन बहुत कम फीस में राजकीय मेडिकल कालेज श्रीनगर से एमबीबीएस करवाता है। इसके एवज में छात्रों से मेडिकल की पढ़ाई पूर्ण करने के बाद पांच साल तक दुर्गम सरकारी अस्पतालों में सेवा देने का अनुबंध होता है।
हालांकि गत वर्ष शासन ने इस अनुबंध में संशोधन किया था। नई शर्त के अनुसार, एक साल की इंटर्नशिप पूरी होने के बाद उनको एक साल तक मेडिकल कालेज से संबद्ध बेस अस्पताल में जेआर पद पर कार्य करने की छूट दी गई है। साथ ही सरकारी अस्पतालों में सेवा देने की समयावधि पांच से घटाकर तीन साल कर दी, यानी उन्हें दुर्गम क्षेत्रों में सिर्फ दो साल ही सेवा देनी है।
गत अप्रैल माह में नए अनुबंध के अनुसार मेडिकल कालेज से जेआरशिप पूर्ण करने पर लगभग 56 चिकित्सकों को विभिन्न सरकारी अस्पतालों में ज्वाइनिंग दी गई थी। उक्त चिकित्सकों की जेआरशिप 31 मार्च को पूरी हो गई थी। 26 चिकित्सकों की जेआरशिप 15 जुलाई को पूरी होनी है। इसे देखते हुए शुक्रवार को मेडिकल कालेज में उनकी तैनाती के लिए काउंसिलिंग हुई।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर निदेशक डा. प्रेम लाल और मेडिकल कालेज के प्राचार्य प्रो. सीएमएस रावत ने चर्चा के बाद उनको जिले आवंटित कर दिए। उक्त चिकित्सक 16 जुलाई को तैनाती स्थल वाले जिले में ज्वाइनिंग देंगे।
प्राचार्य प्रो. रावत ने इस मौके पर चिकित्सकों को तीन सूत्रीय फार्मूला (एबीसी) अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि यदि चिकित्सक की उपलब्धता, व्यवहार और बातचीत करने का तरीका बेहतर हो, तो वह सभी की उम्मीदों पर खरा उतर सकते हैं।
चिकित्सकों का आवंटन
जिला पद
पौड़ी 13
टिहरी 8
पिथौरागढ़ 3
उत्तरकाशी 1
बागेश्वर 1