गांधी जयंती के अवसर पर प्रस्तावित भाषण प्रतियोगिता न होने से ऑडिटोरिम पहुंचे स्कूली बच्चे करीब डेढ़ घंटे इंतजार करते रहे। इसके बाद विभागीय अधिकारियों से प्रतियोगिता न होने की सूचना मिलने पर वे मायूस घरों को लौट गए।
गांधी जयंती पर यहां ऑडिटोरिम में स्कूली विद्यार्थियों की भाषण प्रतियोगिता होनी थी। प्रतियोगिता का समय सुबह 11 बजे निर्धारित किया गया था। इसके लिए शहर के जीजीआईसी, मैसमोर इंटर कालेज, जीआईसी समेत तमाम स्कूलों के बच्चे यहां पहुंचे थे।
निर्धारित समय पर बच्चे तो पहुंच गए, लेकिन कार्यक्रम का अता-पता न होने और वे ऑडिटोरियम में इंतजार करते रहे। जीजीआईसी की शिक्षिका चंद्रकला, भगवती सिंह, मैसमोर इंटर कालेज के मनीष रावत, जीआईसी के शिक्षक जेके दोहरे ने कहा कि कार्यक्रम नहीं होने की सूचना न होने से वे बच्चों को लेकर यहां पहुंच गए थे।
प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने पहुंचे प्रियंका रावत, पारस रावत, कविता, साक्षी तिवारी, रविना लिंगवाल, हिमानी व आकांक्षा नेगी ने कहा कि इस तरह कार्यक्रम स्थल पहुंचकर कार्यक्रम न होने की बात पता चलने से उन्हें काफी निराशा हुई है।
बताया जा रहा है कि पिछले तीन साल से जिलाधिकारी गांधी जयंती पर शिक्षा विभाग को ऑडिटोरियम में स्कूली बच्चों की भाषण प्रतियोगिता कराने का निर्देश देते आ रहे हैं और ऐन वक्त में यह कार्यक्रम रद्द होता रहा है। बच्चे आते हैं और मायूस चले जाते हैं। उधर, इस संबंध में पूछने पर मुख्य शिक्षा अधिकारी मदन सिंह रावत का कहना है कि श्रोताओं (लोगों) के नहीं आने से भाषण प्रतियोगिता नहीं करा सके।
28 सितंबर को गांधी जयंती के कार्यक्रमों की रूपरेखा तय करने के लिए सभी अधिकारियों की बैठक ली थी। उसी बैठक में शिक्षा विभाग के अफसरों को गांधी जयंती पर ऑडिटोरियम में स्कूली बच्चों की भाषण प्रतियोगिता कराने के निर्देश दिए गए थे। बच्चों को मायूस लौटना पड़ा है। इस पर शिक्षा विभाग के अफसरों की लापरवाही की जांच कराऊंगा और कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-चंद्रशेखर भट्ट, जिलाधिकारी पौड़ी गढ़वाल