कोटद्वार। चेक बाउंस के एक मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) रजनी शुक्ला की अदालत ने आरोपी को बचाव साक्ष्य प्रस्तुत करने का अंतिम अवसर देने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने निचली अदालत के 17 अगस्त 2026 के आदेश को निरस्त करते हुए पत्रावली पुनः विचारण न्यायालय को भेज दी है। साथ ही आरोपी को स्वयं बचाव साक्षी के रूप में पेश होने का अवसर देने के निर्देश दिए हैं।
मामले में सुशीला शाह ने सुशीला उनियाल के खिलाफ चेक बाउंस का मुकदमा दर्ज कराया था। सुनवाई के दौरान आरोपी ने खुद गवाही देकर अपना पक्ष रखने की अनुमति मांगी थी, लेकिन निचली अदालत ने 17 अगस्त 2026 को उसकी अर्जी खारिज कर दी थी।
इस आदेश को आरोपी ने अपर जिला एवं सत्र न्यायालय में चुनौती दी। आरोपी के अधिवक्ता ने दलील दी कि उसे अपने बचाव में गवाही देने और जरूरी दस्तावेजों के आधार पर अपना पक्ष रखने का अवसर मिलना चाहिए। एडीजे कोर्ट ने कहा कि कानून के तहत आरोपी को अपने बचाव में गवाही देने का अधिकार है। उसे यह अवसर न देना उचित नहीं है।
अदालत ने आरोपी की याचिका स्वीकार करते हुए निचली अदालत का आदेश रद्द कर दिया। साथ ही निर्देश दिए कि आरोपी को बचाव में गवाही देने का अंतिम अवसर दिया जाए और इसके लिए अगली तारीख तय की जाए।